महाकाल की भस्म आरती के बाद केंद्रीय मंत्री का बड़ा ऐलान, सिंहस्थ की तैयारियों में 3 नए पुलों का होगा निर्माण

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत तीन नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह कदम करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उठाया गया है।

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में लाखों तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की जरूरत महसूस की गई। नए फुट ओवर ब्रिज इस समस्या का समाधान करेंगे।

परियोजना का विवरण

तीनों फुट ओवर ब्रिज आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनमें लिफ्ट और एस्केलेटर की व्यवस्था की जाएगी। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। सिंहस्थ से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

भीड़ प्रबंधन की तैयारी

रेलवे प्रशासन ने सिंहस्थ के लिए व्यापक योजना बनाई है। स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय भी विकसित किए जाएंगे। पेयजल और शौचालय की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

स्टेशन पर यात्री सूचना प्रणाली को भी उन्नत किया जाएगा। डिजिटल बोर्ड और घोषणा प्रणाली लगाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

सिंहस्थ का महत्व

सिंहस्थ हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। यह हर बारह वर्ष में उज्जैन में आयोजित होता है। 2028 में होने वाला सिंहस्थ विशेष महत्व रखता है।

शिप्रा नदी में स्नान के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। पिछले सिंहस्थ में करोड़ों लोगों ने भाग लिया था। इस बार भी भारी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है।

शहर में विकास कार्य

रेलवे स्टेशन के अलावा शहर में कई अन्य विकास परियोजनाएं चल रही हैं। सड़कों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण किया जा रहा है। घाटों का जीर्णोद्धार भी प्रगति पर है।

प्रशासन ने सिंहस्थ के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। सभी विभाग समन्वय से काम कर रहे हैं। शहर को तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।

नगर निगम भी अपने स्तर पर तैयारियां कर रहा है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट और पार्किंग सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।