कैलाश विजयवर्गीय का स्पष्टीकरण, बयान को संदर्भ से काटकर दिखाया गया, किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं थी टिप्पणी

मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 31 जनवरी को एक प्रेस नोट जारी कर 28 जनवरी के अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। मंत्री ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने उनके वक्तव्य को संदर्भ से काटकर पेश किया, जिससे गलत संदेश गया।

विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी व्यक्ति विशेष या विभाग के खिलाफ नहीं था। उन्होंने कहा कि मीडिया की प्रस्तुति उनके वक्तव्य की वास्तविक भावना को सही रूप में प्रतिबिंबित नहीं करती।

बच्चों में संस्कारों पर था केंद्रित

मंत्री ने बताया कि 28 जनवरी को एक निजी शिक्षण संस्था में आयोजित कार्यक्रम में उनका वक्तव्य बच्चों में संस्कारों के महत्व पर आधारित था। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए विद्यालयीन शिक्षा के साथ-साथ घर का वातावरण भी सकारात्मक होना जरूरी है।

विजयवर्गीय ने कहा कि छोटे बच्चे अपना अधिकांश समय घर में ही व्यतीत करते हैं, इसलिए घर का माहौल उनके व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।

दिए थे दो सामान्य उदाहरण

मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए दो सामान्य उदाहरण प्रस्तुत किए थे। पहला उदाहरण यह था कि यदि बच्चों के सामने पालक घर में मित्रों के साथ पार्टी करते हैं, तो उसका प्रभाव बच्चों पर किस प्रकार पड़ता है।

दूसरा उदाहरण किसी मंत्री के निकटजनों को मिलने वाले प्रलोभनों तथा उनसे बचने की आवश्यकता का था। विजयवर्गीय ने कहा कि वह PWD सहित कई विभागों के मंत्री रहे हैं और ये उदाहरण सामान्य बात साझा करने तथा नैतिक सीख देने के उद्देश्य से थे।

किसी व्यक्ति पर नहीं की टिप्पणी

मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनके उदाहरण किसी व्यक्ति विशेष या विभाग विशेष पर टिप्पणी करने के लिए नहीं थे। उन्होंने कहा कि संभवतः उनके वक्तव्य की भावना को पूर्ण रूप से न समझ पाने के कारण उसे व्यक्तिगत आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया।

विजयवर्गीय ने अपील की कि उनके वक्तव्य को किसी अन्य अर्थ में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों के संस्कार और उनके समग्र विकास के बारे में जागरूकता फैलाना था।

मंत्री द्वारा जारी प्रेस नोट में भोपाल स्थित उनके कार्यालय का पता और संपर्क विवरण भी दिया गया है।