Holi 2026 Holika Dahan: खंड चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये में कब होगा होलिका दहन? शुभ मुहूर्त को लेकर जानें पूरी डिटेल

हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल होली का त्योहार 2 और 3 मार्च को मनाया जाएगा। 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलेंडी रहेगी। लेकिन इस बार होलिका दहन के समय को लेकर भद्रा काल और चंद्र ग्रहण के कारण कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है।

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन के दिन भद्रा काल रहेगा। 2 मार्च को भद्रा शाम 5:45 बजे से शुरू होगा और अगले दिन यानी 3 मार्च की सुबह 5:23 बजे तक रहेगा। इसी दिन खंड चंद्र ग्रहण भी होगा।

भद्रा पुच्छ काल में होगा दहन

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भद्रा रहे और कोई अन्य शुभ मुहूर्त न निकले तो भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन किया जाता है। इस स्थिति में भद्रा का पुच्छ काल रात 1 से 2 बजे के बीच रहेगा।

पंडित शास्त्री ने बताया कि भद्रा का समय जब समाप्त होने वाला होता है तो उसे भद्रा का पुच्छ कहा जाता है। इसलिए होलिका दहन के लिए 2 मार्च की रात 1 से 2 बजे के बीच का समय सबसे शुभ रहेगा।

खंड चंद्र ग्रहण का समय

3 मार्च को खंड चंद्र ग्रहण रहेगा। सुबह 9:14 बजे सूतक लग जाएगा। ग्रहण का स्पर्श सुबह 6:14 बजे होगा और मोक्ष शाम 7:02 बजे होगा।

हालांकि चंद्र ग्रहण के बावजूद 3 मार्च को धुलेंडी खेली जा सकेगी। ज्योतिष के अनुसार भद्रा और ग्रहण केवल दहन के लिए अशुभ माने जाते हैं, होली खेलने पर इनका प्रभाव नहीं पड़ता।

भद्रा और ग्रहण का प्रभाव

भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। लेकिन जब कोई विकल्प न हो तो भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन शास्त्रसम्मत है।

इस साल होली पर भद्रा और चंद्र ग्रहण दोनों का संयोग बन रहा है। ऐसे में ज्योतिषियों ने रात के समय दहन करने की सलाह दी है। भद्रा के पुच्छ काल में किया गया होलिका दहन शुभ फलदायी माना जाता है।