मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत की दिशा में प्रभावी कदम बताया, प्रदेश के अस्पतालों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाने की घोषणा

इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में प्रभावी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर उच्च स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जनसामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास इस बजट की मुख्य विशेषता है।

शहरी विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

डॉ यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान है। छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास का निर्माण होगा और जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। इन सभी व्यवस्थाओं से मध्य प्रदेश को बहुत लाभ होगा।

वस्त्र उद्योग में सुधार से प्रदेश को फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में सुधार पर बल दिया गया है। इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है।

इस पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और 6 लाख किसानों को लाभ होगा। मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्य प्रदेश को भी विशेष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है।

शासकीय अस्पतालों में गर्भ संस्कार कक्ष का निर्माण

इंदौर में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने घोषणा की कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन शीघ्र ही जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग नहीं रहे। हमारे 16 संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है।

डॉ यादव ने कहा कि गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य और संस्कृति के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।