Budget 2026: ₹53.47 लाख करोड़ के बजट पर सियासी बहस तेज, सत्ता ने सराहा तो विपक्ष ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस, आरजेडी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने बजट को आम जनता के हितों के खिलाफ बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बजट को खोखले वादों का पिटारा करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने एक बार फिर आम आदमी को निराश किया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पर्याप्त आवंटन नहीं किया गया है।

आरजेडी का आरोप

राष्ट्रीय जनता दल ने बजट को गरीबों और मध्यम वर्ग की उपेक्षा करने वाला बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि महंगाई से जूझ रहे लोगों को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने रोजगार सृजन और किसानों के लिए ठोस योजनाओं की कमी की आलोचना की।

भाजपा का बचाव

भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए बजट को ऐतिहासिक बताया। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि यह बजट देश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने नई योजनाओं और बुनियादी ढांचे में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार बजट में घोषित नीतिगत फैसलों का आकलन कर रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर ध्यान

बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा की गई है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि आवंटन अपर्याप्त है। सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का दावा किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बजट पर बहस आने वाले दिनों में और तेज होगी। विपक्ष संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में है।