इंदौर, 01 फरवरी 2026: शहर के प्रतिष्ठित केयर सीएचएल अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के मामले में अंतिम चेतावनी दी है। अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों के भर्ती रहते हुए परिसर में निर्माण कार्य करने का गंभीर आरोप है, जिससे संक्रमण फैलने और किसी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय को मिली एक शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में बताया गया था कि अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से अतिक्रमण और निर्माण किया जा रहा है।
सीएमएचओ ने दिया सख्त निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल ने जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय मांगा, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बावजूद, अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने के दौरान भी निर्माण कार्य जारी रखा गया, जो सरकारी आदेशों का सीधा उल्लंघन है।
डॉ. हासानी ने कहा, “मरीजों के भर्ती रहते हुए निर्माण कार्य करना उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा है। इससे न केवल संक्रमण का डर बना रहता है, बल्कि यह नियमों की स्पष्ट अवहेलना भी है।”
पंजीयन निरस्त करने की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अंतिम चेतावनी पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर केयर सीएचएल अस्पताल भविष्य में भी आदेशों का उल्लंघन करता है और मरीजों की उपस्थिति में निर्माण कार्य जारी रखता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं नियम 1997 (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम 1973), संशोधित 2021 की सुसंगत धाराओं के तहत की जाएगी। इन नियमों के अनुसार, अस्पताल का पंजीयन स्थायी या अस्थायी रूप से निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।