केंद्रीय बजट 2026 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को सर्वाधिक बजट आवंटन मिला है। इस मंत्रालय की कमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों में है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार में उनका दबदबा बरकरार है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान के मंत्रालय को मिले इस भारी आवंटन से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू होंगी।
शिवराज का बढ़ता प्रभाव
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कृषि मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद से वे किसान हितैषी नीतियों पर काम कर रहे हैं। बजट में उनके मंत्रालय को मिली प्राथमिकता इसका प्रमाण है।
शिवराज ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए कृषि क्षेत्र में कई सुधार किए थे। अब केंद्र में भी वे इसी दिशा में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उन पर विश्वास इस बजट आवंटन से साबित होता है।
किसानों के लिए बड़ी योजनाएं
इस बजट में किसानों के लिए कई नई पहल की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को और विस्तार दिया जाएगा। सिंचाई सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा में भी वृद्धि की संभावना है। कृषि अवसंरचना के विकास के लिए अलग से फंड आवंटित किया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल
सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गांवों से शहरों की ओर पलायन रुकेगा।
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की भी योजना है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की संख्या बढ़ाई जाएगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने कृषि क्षेत्र पर ध्यान देने की सराहना की। वहीं कुछ ने इसे चुनावी बजट करार दिया।
कांग्रेस ने कहा कि किसानों की मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग फिर उठाई गई। किसान संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
शिवराज की राजनीतिक यात्रा
शिवराज सिंह चौहान भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2023 में विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया।
कृषि मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग मिलना उनकी राजनीतिक ताकत का संकेत है। पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।
आगे की राह
बजट आवंटन के बाद अब शिवराज के सामने चुनौती है कि वे इसका सही उपयोग करें। किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन जरूरी है।
अगले कुछ महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने हैं। कृषि क्षेत्र की नीतियां इनमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। शिवराज की सफलता पार्टी के लिए भी फायदेमंद होगी।
कुल मिलाकर इस बजट से शिवराज सिंह चौहान की केंद्र में मजबूत स्थिति साफ झलकती है। कृषि मंत्रालय को मिला सर्वाधिक बजट उनके बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है।