मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रविवार को जीरन और मनासा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया।

इसके बाद सोमवार की सुबह पूरा जिला घने कोहरे की चपेट में आ गया। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

विजिबिलिटी हुई बेहद कम
सोमवार सुबह नीमच में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालकों को मजबूरन हेडलाइट जलानी पड़ी। गाड़ियां धीमी रफ्तार से चलती नजर आईं।

इस दौरान जिले का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बादलों की मौजूदगी के कारण सुबह-शाम की ठंड में थोड़ी राहत मिली।
ओलावृष्टि से किसान परेशान
रविवार को जीरन और मनासा इलाके में अचानक ओले गिरे। इससे खेतों में खड़ी रबी की फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार नीमच जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
राहत की बात यह है कि फिलहाल ओलावृष्टि का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। केवल बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
एक सप्ताह तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सोमवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे। यह स्थिति अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है।
किसान और जिला प्रशासन दोनों सतर्क हैं। आने वाले दिनों में मौसम के बदलाव पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का जायजा लेने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।

