फरवरी में साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा असर, जानें भारत में दिखेगा या नहीं

आने वाले समय में एक बड़ी खगोलीय घटना होने वाली है। 17 फरवरी 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस ग्रहण का कुछ राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना है।

सूर्य ग्रहण का समय और सूतक काल

17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार शाम के समय दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल के दौरान धार्मिक कार्य और शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है।

ज्योतिषियों के अनुसार इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रहते हैं। भोजन ग्रहण करने और नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन 4 राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का चार राशियों पर विशेष नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इन राशियों के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है।

मेष राशि: मेष राशि के जातकों को इस ग्रहण के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। आर्थिक मामलों में भी सतर्कता बरतनी चाहिए। बड़े निवेश से बचें।

कर्क राशि: कर्क राशि वालों को पारिवारिक मामलों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में नुकसान की आशंका है। किसी भी बड़े फैसले को टालना उचित रहेगा।

तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण रहेगा। करियर में बाधाएं आ सकती हैं। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। शांत रहने की कोशिश करें।

मकर राशि: मकर राशि वालों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। नौकरी में परेशानियां आ सकती हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल में कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। इस दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। पूजा पाठ और मंत्र जाप करना लाभदायक माना जाता है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना अनिवार्य है। घर में गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। तुलसी के पत्ते भोजन में डालकर रखने की परंपरा है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

खगोल विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो सूर्य ग्रहण होता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता।

इस स्थिति में सूर्य के चारों ओर एक चमकदार वलय दिखाई देती है। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। यह दृश्य बेहद मनोरम होता है।

भारत में दृश्यता

यह सूर्य ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से दिखाई दे सकता है। दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में इसे देखा जा सकेगा। ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मे का उपयोग जरूरी है।

नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण देखना हानिकारक हो सकता है। इससे आंखों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। सोलर फिल्टर वाले चश्मे का ही उपयोग करें।

प्रभावित राशियों के लिए उपाय

ज्योतिषियों ने प्रभावित राशियों के जातकों को कुछ उपाय बताए हैं। सूर्य मंत्र का जाप करना लाभदायक रहेगा। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

गरीबों को दान देना शुभ माना जाता है। लाल वस्त्र और गेहूं का दान करें। सूर्य देव की पूजा करें और जल अर्पित करें।

ग्रहण के बाद मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए। पितरों का तर्पण करना भी उचित रहेगा। इससे ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।

अगला सूर्य ग्रहण

2026 में यह पहला सूर्य ग्रहण होगा। इसके बाद अगस्त 2026 में एक और सूर्य ग्रहण लगेगा। खगोल प्रेमियों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतते हुए सामान्य जीवन जारी रखें।