अयोध्या में 500 पुलिस कर्मियों के लिए BSE ने आयोजित किया निवेशक जागरूकता सेमिनार

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बीएसई इन्वेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड (IPF) ने 2 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह क्षेत्रीय निवेशक जागरूकता सेमिनार (RISA) विशेष रूप से पुलिस कर्मियों के लिए था। करीब 500 पुलिसकर्मियों ने इसमें भाग लिया।

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को वित्तीय बाजार की बारीकियों से अवगत कराना था। साथ ही सिक्योरिटीज मार्केट में निवेश के विकल्प और साइबर सुरक्षा की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस सेमिनार में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अयोध्या के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ पुलिस गौरव ग्रोवर मौजूद थे। एडिशनल एसपी बलवंत सिंह चौधरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सेबी के डिप्टी जनरल मैनेजर मृदुल रस्तोगी और कैपिटल मार्केट एक्सपर्ट अजय गर्ग ने भी हिस्सा लिया।

बीएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने निवेशक शिक्षा और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।

एसएसपी गौरव ग्रोवर ने की सराहना

“इस तरह के कार्यक्रम पुलिस कर्मियों को जरूरी वित्तीय जानकारी देने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। आज के डिजिटल दौर में निवेश से जुड़े जोखिम और साइबर सुरक्षा को समझना बेहद जरूरी है।” — गौरव ग्रोवर, एसएसपी अयोध्या

उन्होंने कहा कि यह ज्ञान पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। साथ ही वे वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में आम नागरिकों का मार्गदर्शन भी कर सकेंगे।

बीएसई सीईओ ने बताई निवेशक शिक्षा की जिम्मेदारी

“निवेशक शिक्षा केवल एक पहल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जो भारत के वित्तीय भविष्य को आकार देती है। जैसे-जैसे बाजार का विस्तार हो रहा है, निवेशकों को सही जानकारी और सुरक्षा देना और भी जरूरी हो जाता है।” — सुंदररमन राममूर्ति, एमडी व सीईओ, बीएसई

राममूर्ति ने कहा कि पुलिस कर्मी बड़ी सार्वजनिक जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार उन्हें खास वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। देशव्यापी जागरूकता कार्यक्रमों से बीएसई सभी निवेशकों को सशक्त बनाना चाहता है।

सेबी अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी

मुख्य भाषण के अलावा सेबी अधिकारियों ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। कैपिटल मार्केट विशेषज्ञों ने कई अहम विषयों पर चर्चा की। निवेशकों के अधिकार और नियामक सुरक्षा के बारे में बताया गया। शिकायत निवारण की व्यवस्था की जानकारी दी गई।

बिना नियमन वाले उत्पादों से जुड़े जोखिमों पर प्रकाश डाला गया। साइबर सतर्कता के महत्व को विस्तार से समझाया गया।

वित्तीय धोखाधड़ी रोकने में मिलेगी मदद

इस सेमिनार से पुलिस कर्मियों को बाजार की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली। वे अब वित्तीय धोखाधड़ी को पहचान सकेंगे। इसे रोकने और कार्रवाई करने के साधनों की भी जानकारी मिली।

कार्यक्रम में वित्तीय जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल सतर्कता और लंबी अवधि की वित्तीय योजना पर चर्चा हुई। इससे देशभर में निवेशकों को सशक्त बनाने के बीएसई के उद्देश्य को मजबूती मिली।

बीएसई आईपीएफ लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसका लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक वित्तीय शिक्षा पहुंचाना है। पुलिस कर्मियों के लिए यह सेमिनार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।