Indore News: इंदौर शहर में आंखों के इलाज के क्षेत्र में बड़ी तकनीकी छलांग लगी है। रोहित आई हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक यूनिटी वीसीएस (विट्रोरेटिनल कैटरेक्ट सिस्टम) मशीन की शुरुआत की है। यह विश्वस्तरीय तकनीक अब तक सिर्फ बड़े महानगरों और अंतरराष्ट्रीय सेंटरों में ही मौजूद थी।
इस नई मशीन के आने से अब मोतियाबिंद और रेटिना दोनों की सर्जरी एक ही सिस्टम पर हो सकेगी। हॉस्पिटल के विशेषज्ञ सर्जन इस तकनीक से मरीजों को तेज और सुरक्षित इलाज देने में सक्षम होंगे।
क्या है यूनिटी वीसीएस की खासियत
यूनिटी वीसीएस मशीन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 4डी फैको टेक्नोलॉजी है। यह सर्जरी के दौरान बेहतर नियंत्रण और सटीकता प्रदान करती है। जटिल ऑपरेशन भी अधिक सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं।
रेटिना सर्जरी के लिए यह मशीन 30,000 कट्स प्रति मिनट की रफ्तार से काम करती है। इसे दुनिया की सबसे तेज मशीनों में गिना जाता है। तेज गति के कारण सर्जरी का समय काफी कम हो जाता है।
मरीजों को मिलेंगे ये फायदे
इस तकनीक से आंख पर दबाव कम पड़ता है। मरीज को ऑपरेशन के दौरान कम असुविधा होती है। कम ऊर्जा के उपयोग से आंख के नाजुक ऊतकों की बेहतर सुरक्षा होती है।
इंटेलिजेंट फ्लुइडिक्स सिस्टम सर्जरी के दौरान आंख का प्रेशर स्थिर रखता है। एडवांस सेंसर तापमान और सुरक्षा का ध्यान रखते हैं। इससे टिश्यू डैमेज की संभावना न्यूनतम हो जाती है।
कम समय में सर्जरी पूरी होने से रिकवरी भी तेज होती है। मरीज जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।
मेडिकल डायरेक्टर ने बताया महत्व
“हमारा लक्ष्य मरीजों को विश्वस्तरीय अनुभव देना है। यूनिटी वीसीएस के आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक अब यहां उपलब्ध होगी। सर्जरी अधिक सुरक्षित और कम समय में पूरी होगी।” — डॉ. ओ. पी. अग्रवाल, मेडिकल डायरेक्टर, रोहित आई हॉस्पिटल
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस तकनीक से रोहित आई हॉस्पिटल देश के चुनिंदा सेंटरों में शामिल हो गया है। यह सेंटर अब जटिल विट्रोरेटिनल और कैटरेक्ट प्रक्रियाओं के लिए अत्याधुनिक समाधान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि यह अपग्रेड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाता है। साथ ही मध्य भारत को रीजनल आई-केयर हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
2-इन-1 प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी दक्षता
“यूनिटी वीसीएस एक नई मशीन नहीं, बल्कि पूरा अपग्रेड है। यह 2-इन-1 प्लेटफॉर्म कैटरेक्ट और रेटिना दोनों सर्जरी एक सिस्टम पर करता है। ऑपरेशन थिएटर की एफिशिएंसी दोगुनी हो जाती है।” — डॉ. रोहित अग्रवाल, डायरेक्टर एवं विट्रियो-रेटिना विशेषज्ञ
डॉ. रोहित अग्रवाल ने कहा कि मरीज का समय बचता है। प्रक्रिया आसान होती है और परिणाम सटीक मिलते हैं। रेटिना की जटिल सर्जरी के लिए अब इंदौर के लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं।
उन्होंने कहा कि यहां वही टेक्नोलॉजी और स्टैंडर्ड मिलेगा जो दुनिया के बड़े सेंटरों में मिलता है। यह फ्यूचर-रेडी आई केयर की ओर बड़ा कदम है।
तकनीकी विशेषताएं
यूनिटी वीसीएस में 4डी फैको टेक्नोलॉजी शामिल है। यह सर्जन को ऑपरेशन के दौरान त्वरित निर्णय लेने में मदद करती है। स्मार्ट सेंसर और इंटेलिजेंट फ्लुइडिक्स से स्थिर ऑपरेशन अनुभव मिलता है।
30,000 कट्स प्रति मिनट की स्पीड से जटिल वैस्कुलर सर्जरी मिनटों में पूरी हो जाती है। यह मशीन नेक्स्ट-जेनरेशन तकनीक पर आधारित है।
मध्य भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम
इस तकनीक के आने से मध्य भारत के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें आंखों की जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत नहीं। इंदौर में ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध होगा।
रोहित आई हॉस्पिटल का यह कदम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह मध्य प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति का संकेत है।