राजा रघुवंशी हत्याकांड: सबूतों के अभाव में गार्ड और बिल्डिंग मालिक बरी

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को दोषमुक्त किया गया है।

शिलॉन्ग पुलिस ने इन दोनों को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालाकि विस्तृत जांच में हत्या से इनका कोई सीधा संबंध साबित नहीं हो सका। पुलिस की थ्योरी कोर्ट में कमजोर साबित हुई।

क्या था आरोप?

पुलिस का कहना था कि हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने में मदद की। जांच में सामने आया कि सोनम और विशाल चौहान लसूड़िया की एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह बिल्डिंग शिलाम जेम्स के किराए की थी। कमरे का एग्रीमेंट विशाल के नाम पर था।

पुलिस ने शुरुआती परिस्थितियों के आधार पर कार्रवाई की थी। बिजली बिल और तकनीकी जांच में ठोस सबूत नहीं मिले। इसी वजह से दोनों आरोपियों को छोड़ा गया। फिल्हाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। शिलॉन्ग पुलिस सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रही हैं।

कैसे हुई थी हत्या?

राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम से शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए। 22 मई को वे सोहरा घूमने निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी।

24 जून को परिवार से राजा-सोनम का संपर्क टूट गया। 27 मई से तलाश शुरू हुई। 29 मई को भारी बारिश के कारण सर्च रोकना पड़ा। 30 मई को फिर से खोजबीन शुरू की गई।

खाई में मिला था शव

2 जून को शिलॉन्ग की एक गहरी खाई में राजा का शव बरामद हुआ। 3 जून की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। राजा की हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी।

इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।

परत-दर-परत खुले राज

जांच में सामने आई जानकारियों ने रघुवंशी परिवार को हैरान कर दिया। पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब दो बरी होने के बाद 6 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह अभी भी जेल में हैं। कॉन्ट्रैक्टर शिलोम के साथ सोनम का बैग ठिकाने लगाने का आरोप था। हालांकि गार्ड और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ यह आरोप टिक नहीं सका।

आगे क्या होगा?

पुलिस का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। बाकी आरोपियों के खिलाफ सबूत मजबूत बताए जा रहे हैं। अदालत में मुकदमा चल रहा है।

यह मामला इंदौर और मेघालय दोनों जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति की हत्या ने सभी को स्तब्ध कर दिया था। अब कोर्ट की कार्यवाही पर सबकी नजर है।