इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में अगले 20 दिनों तक नल से पानी की आपूर्ति संभव नहीं होगी।
इस स्थिति से नाराज कांग्रेस ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए पूरे शहर को बंद करने की चेतावनी दे दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आम जनता को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरसना पड़ रहा है।
जल संकट की वजह
भागीरथपुरा में पानी की समस्या पाइपलाइन की मरम्मत और तकनीकी खराबी के कारण पैदा हुई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक मुख्य जलापूर्ति लाइन में गड़बड़ी आ गई थी।
इसके चलते बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी तरह से काम पूरा होने में करीब 20 दिन का समय लगेगा।
प्रभावित क्षेत्र और जनता की परेशानी
भागीरथपुरा के 70 प्रतिशत इलाके में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हजारों परिवार इस संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है।
गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी विकराल हो गई है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई परिवार टैंकर के पानी पर निर्भर हो गए हैं।
कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर तीखा रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार और नगर निगम की लापरवाही के कारण जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरे इंदौर शहर में बंद का आह्वान किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने जनता से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सामान्य आपूर्ति बहाल करने की कोशिश जारी है।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि पहले से सूचना दी जानी चाहिए थी। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें अचानक पानी बंद होने की जानकारी मिली।
महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू कामकाज और बच्चों की देखभाल में दिक्कत आ रही है।
राजनीतिक तनाव
जल संकट ने राजनीतिक तनाव भी बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला है। कांग्रेस के अलावा अन्य दल भी इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं।
आगामी दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए।
आगे की राह
फिलहाल प्रशासन टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने पर निर्भर है। मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अगले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि पूर्ण सामान्य आपूर्ति में अभी समय लगेगा। जनता को फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना होगा।