13 फरवरी को होगा सूर्य का कुंभ राशि में गोचर, जानें किन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का विशेष महत्व माना जाता है। इनमें सूर्य का राशि परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। 13 फरवरी 2026 को सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस खगोलीय घटना को कुंभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

सूर्य का यह गोचर सभी बारह राशियों पर अपना प्रभाव डालेगा। विशेषकर धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आ सकते हैं। आइए जानते हैं इस गोचर का विस्तृत विश्लेषण।

कुंभ संक्रांति का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार संक्रांति का दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देव की उपासना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कुंभ संक्रांति के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म भी इस दिन शुभ माने जाते हैं।

धनु राशि पर प्रभाव

धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला रहेगा। सूर्य तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इससे साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटी यात्राओं के योग बनेंगे।

कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर रहेंगे। हालांकि स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लें।

मकर राशि पर प्रभाव

मकर राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव में गोचर करेंगे। यह स्थान धन और परिवार से संबंधित है। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। अनावश्यक खर्चों से बचें।

पारिवारिक वातावरण में कुछ तनाव आ सकता है। वाणी पर संयम रखें। कठोर शब्दों के प्रयोग से बचें। निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं लेकिन सोच-समझकर निर्णय लें।

कुंभ राशि पर प्रभाव

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण है। सूर्य उनकी अपनी राशि में आ रहे हैं। लग्न में सूर्य का गोचर आत्मविश्वास बढ़ाएगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा।

करियर में नई ऊंचाइयां छूने के अवसर मिलेंगे। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

मीन राशि पर प्रभाव

मीन राशि वालों के लिए सूर्य बारहवें भाव में गोचर करेंगे। यह स्थान व्यय और मोक्ष से जुड़ा है। खर्चों में वृद्धि हो सकती है। विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं।

आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। ध्यान और योग का अभ्यास लाभदायक रहेगा। नींद संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मानसिक शांति के लिए प्रयास करें।

ज्योतिषीय उपाय

सूर्य गोचर के दौरान कुछ उपाय करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल में लाल फूल और रोली मिलाएं।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार के दिन गुड़ और गेहूं का दान करें। माणिक्य रत्न धारण करना लाभदायक हो सकता है। लेकिन रत्न धारण से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

अन्य राशियों पर संक्षिप्त प्रभाव

मेष राशि: लाभ के अवसर बनेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

वृषभ राशि: करियर में उन्नति के योग। अधिकारियों का समर्थन मिलेगा।

मिथुन राशि: भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक यात्राओं के योग।

कर्क राशि: अचानक लाभ हो सकता है। ससुराल पक्ष से सहयोग।

सिंह राशि: साझेदारी में सफलता। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।

कन्या राशि: स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शत्रुओं पर विजय।

तुला राशि: संतान पक्ष से शुभ समाचार। रचनात्मकता में वृद्धि।

वृश्चिक राशि: घर-परिवार में सुख-शांति। वाहन सुख के योग।

सूर्य गोचर का वैज्ञानिक पक्ष

खगोल विज्ञान के अनुसार पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। इस दौरान सूर्य विभिन्न नक्षत्रों की पृष्ठभूमि में दिखाई देता है। इसी को राशि परिवर्तन या गोचर कहते हैं।

सूर्य लगभग एक महीने तक एक राशि में रहता है। पूरी राशि चक्र की यात्रा में एक वर्ष का समय लगता है। यह खगोलीय घटना प्राचीन काल से मानव जीवन को प्रभावित करती मानी जाती है।

ज्योतिष विज्ञान इन ग्रहों की स्थिति के आधार पर भविष्यवाणी करता है। हालांकि यह विश्वास का विषय है। व्यक्ति को अपने कर्मों पर भरोसा रखना चाहिए।