मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर पर जबरदस्त दबाव रहा। TCS के शेयर करीब 7 फीसदी गिरे। Infosys में लगभग 8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। HCL Tech, Tech Mahindra और Wipro भी इस बिकवाली से नहीं बच सके।
यह गिरावट सामान्य मुनाफावसूली नहीं थी। इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी गहरी चिंता काम कर रही थी।
अमेरिका से आया बड़ा झटका
अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने एक नया एडवांस्ड AI टूल लॉन्च करने की घोषणा की। इस खबर के बाद अमेरिकी टेक शेयरों में तेज गिरावट आई।
यह नया AI टूल कई महत्वपूर्ण काम कर सकता है। डॉक्यूमेंट रिव्यू इसकी क्षमताओं में शामिल है। डेटा हैंडलिंग का काम भी यह आसानी से कर सकता है। एनालिटिकल और प्रोसेसिंग टास्क भी इसके दायरे में हैं।
ये वही काम हैं जिनके लिए ग्लोबल कंपनियां भारतीय IT फर्मों पर निर्भर रहती हैं।
निवेशकों की चिंता क्या है
निवेशकों को डर सताने लगा है कि AI आने वाले समय में खतरा बन सकता है। पारंपरिक IT सेवाओं की मांग घट सकती है। भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है।
यही कारण है कि बाजार में इतनी तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ADR में गिरावट ने बढ़ाई परेशानी
इस चिंता का पहला असर अमेरिकी बाजार में दिखा। Infosys और Wipro के ADR में रातोंरात तेज गिरावट आई।
ADR यानी American Depository Receipts विदेशी कंपनियों के शेयरों का अमेरिकी प्रतिनिधित्व होते हैं। जब इनमें गिरावट आती है तो अगले दिन भारतीय बाजार पर सीधा असर पड़ता है।
नतीजा यह हुआ कि भारतीय बाजार खुलते ही निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर था।
बाजार की शुरुआत कैसी रही
मंगलवार को बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी। लेकिन खुलते ही IT शेयरों में जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। निवेशकों ने बड़ी तादाद में IT स्टॉक्स बेचे।
TCS, Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
क्या यह सिर्फ घबराहट है
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट भविष्य की आशंकाओं पर आधारित है। कंपनियों के मौजूदा फंडामेंटल्स अभी मजबूत हैं।
हालाकि कुछ बातें साफ हो गई हैं। AI का दखल तेजी से बढ़ रहा है। IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं। लॉन्ग टर्म ग्रोथ को लेकर निवेशक सतर्क हो गए हैं।
आगे क्या होगा
आने वाले दिनों में कई चीजें महत्वपूर्ण होंगी। IT कंपनियों की AI रणनीति पर नजर रहेगी। रेवेन्यू गाइडेंस से बाजार को दिशा मिलेगी। क्लाइंट डिमांड पर कंपनियों के बयान अहम होंगे।
ये सभी फैक्टर मिलकर तय करेंगे कि IT सेक्टर किस दिशा में जाता है।
वैश्विक टेक सेक्टर पर असर
यह गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। वैश्विक स्तर पर टेक शेयरों में भारी बिकवाली हुई। AI के बढ़ते प्रभाव ने पूरे सेक्टर को हिलाकर रख दिया।
निवेशक अब समझने लगे हैं कि AI तकनीक पारंपरिक IT सेवाओं के लिए चुनौती बन सकती है।
भारतीय IT इंडस्ट्री के लिए संकेत
भारतीय IT कंपनियों को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। AI को अपनाना जरूरी हो गया है। पारंपरिक सेवाओं पर निर्भरता कम करनी होगी।
जो कंपनियां AI में आगे निकलेंगी वे इस चुनौती से बच सकती हैं।