भोपाल: मध्य प्रदेश में ठंड और घने कोहरे का डबल अटैक जारी है। राजधानी भोपाल समेत ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के कई जिले मंगलवार सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटे रहे, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ग्वालियर और भोपाल में दृश्यता घटकर महज 50 मीटर तक पहुंच गई, जिसके कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश के उत्तरी इलाकों में शीतलहर का असर बना हुआ है। बीते 24 घंटों में ग्वालियर 5.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में से एक रहा। इसके अलावा नौगांव और दतिया में भी कड़ाके की ठंड दर्ज की गई।
ट्रेनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों के संचालन पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली की ओर से आने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चल रही हैं। कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनों को बेहद धीमी गति से चलाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोपाल एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस और मंगला एक्सप्रेस समेत दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें घंटों की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचीं। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की मौजूदा स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
11 जनवरी से सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश में मौसम के एक बार फिर करवट लेने का अनुमान जताया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाएंगे और हल्की बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ का मुख्य असर ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है। बारिश के बाद प्रदेश में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है, क्योंकि तापमान में और गिरावट आने की आशंका है। इसके बाद कड़ाके की ठंड का एक और दौर शुरू हो सकता है।