ग्वालियर: भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर है। केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना के तहत स्थायी होने वाले जवानों का कोटा बढ़ाने का फैसला किया है। साल 2026 तक 50 फीसदी अग्निवीरों को सेना में स्थायी नियुक्ति दी जाएगी, जो मौजूदा 25 प्रतिशत की सीमा से ठीक दोगुनी है। यह घोषणा ग्वालियर स्थित सेना भर्ती कार्यालय (ARO) ने आगामी भर्ती रैली के संबंध में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की।
इस बदलाव को उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जो अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे। सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सेना को भी अधिक संख्या में प्रशिक्षित और अनुभवी जवान मिलेंगे।
क्या है अग्निवीर योजना और नया बदलाव?
केंद्र सरकार ने 2022 में सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए ‘अग्निपथ योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत चुने गए युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है, जिनका कार्यकाल चार साल का होता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद, अब तक केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही उनके प्रदर्शन के आधार पर सेना में स्थायी कैडर में शामिल किया जाता था। बाकी 75 प्रतिशत को एकमुश्त ‘सेवा निधि’ पैकेज के साथ सेवानिवृत्त कर दिया जाता था।
अब नए निर्णय के अनुसार, 2026 तक इस 25 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अग्निवीर के तौर पर भर्ती होने वाले हर दो में से एक जवान को सेना में स्थायी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।
भर्ती प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी
सेना भर्ती कार्यालय ने स्पष्ट किया कि स्थायीकरण के कोटे में इस बड़े बदलाव के बावजूद भर्ती की प्रक्रिया में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। भर्ती पहले की तरह ही दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में उम्मीदवारों को एक ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) पास करना होगा। इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को ही दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें शारीरिक फिटनेस टेस्ट और मेडिकल जांच शामिल होगी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लें।
ग्वालियर-चंबल के युवाओं में खुशी की लहर
ग्वालियर-चंबल अंचल को देश सेवा के लिए सेना में जवान भेजने की गौरवशाली परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां के युवाओं में सेना में भर्ती को लेकर हमेशा से एक विशेष जुनून रहा है। अग्निवीर योजना की शुरुआती शर्तों, विशेषकर 25 प्रतिशत स्थायीकरण की सीमा के कारण, कुछ युवाओं और उनके परिवारों में निराशा थी। लेकिन अब स्थायीकरण का कोटा दोगुना होने की खबर से उनमें एक नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है। माना जा रहा है कि इस फैसले से क्षेत्र के अधिक से अधिक युवा सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।