MP Board: 20 फरवरी से शुरू होंगी 5वीं-8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं, 25 लाख छात्र होंगे शामिल

भोपाल। मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार, ये परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी और बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। इस साल प्रदेश भर से करीब 25 लाख विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल होंगे, जिनमें 13 लाख छात्र 5वीं और 12 लाख छात्र 8वीं कक्षा के हैं।

यह लगातार दूसरा साल है जब इन कक्षाओं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर हो रही हैं। पिछले साल करीब 13 वर्षों के बाद इस व्यवस्था को फिर से लागू किया गया था, जिसके बाद परीक्षा परिणामों में बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हुए थे। इसको लेकर विभाग ने इस बार विशेष तैयारियां की हैं। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।

कक्षा 5वीं और 8वीं का टाइम टेबल

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी विस्तृत समय-सारणी के अनुसार, दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 26 फरवरी तक चलेंगी।

कक्षा 5वीं की परीक्षा:
20 फरवरी: प्रथम भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मराठी)
21 फरवरी: पर्यावरण अध्ययन
22 फरवरी: द्वितीय भाषा (सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी)
23 फरवरी: अतिरिक्त भाषा (उर्दू, हिंदी व अन्य)
24 फरवरी: गणित अथवा संगीत (दृष्टिबाधितों के लिए)

कक्षा 8वीं की परीक्षा:
20 फरवरी: प्रथम भाषा (हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मराठी)
21 फरवरी: गणित अथवा संगीत (दृष्टिबाधितों के लिए)
22 फरवरी: द्वितीय भाषा (सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी)
23 फरवरी: विज्ञान
24 फरवरी: तृतीय भाषा (संस्कृत, हिंदी, उर्दू, मराठी व अन्य)
26 फरवरी: सामाजिक विज्ञान

ऐसी होगी मूल्यांकन और परिणाम की प्रक्रिया

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रश्न-पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं जिला स्तर से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाई जाएंगी। परीक्षाओं के समापन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए अलग से मूल्यांकन केंद्र बनाए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य अप्रैल के पहले सप्ताह तक परिणाम घोषित करना है।

पिछले साल के नतीजों से सबक

शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम लागू होने के बाद 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं बंद कर दी गई थीं, लेकिन पिछले साल से इन्हें फिर शुरू किया गया। पिछले सत्र में परिणामों की स्थिति अच्छी नहीं रही थी, जिसके कारण कई छात्रों को पूरक परीक्षा देनी पड़ी थी। नियमों के अनुसार, एक या दो विषयों में फेल होने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाता है, ताकि वे अगली कक्षा में प्रवेश पा सकें।