MP: IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने 3 साल की बेटी को आंगनवाड़ी भेजा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Bhopal News: मध्य प्रदेश के चित्रकूट से एक आईएएस अधिकारी के फैसले ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग ने अपनी तीन साल की बेटी सिया का दाखिला किसी महंगे प्ले-स्कूल की जगह एक सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र में कराया है।

उनका यह कदम सरकारी व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

मामले से जुड़ा एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी बेटी सिया आंगनवाड़ी में अन्य बच्चों के साथ खेलती और सीखती नजर आ रही है। इस कदम को जहां कई लोग प्रेरणादायक बता रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम कहकर आलोचना भी की है।

सरकारी व्यवस्था पर पूरा भरोसा: DM पुलकित गर्ग

इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए पुलकित गर्ग ने कहा कि सरकारी आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों की स्थिति में पिछले कुछ सालों में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने इस धारणा को बदलने की जरूरत पर जोर दिया कि सरकारी संस्थान निजी संस्थानों से कमतर होते हैं। अगर एक आईएएस अधिकारी अपने बच्चे को सरकारी संस्थान में पढ़ा सकता है, तो आम अभिभावकों को भी संकोच करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के शुरुआती विकास के लिए स्वास्थ्य, पोषण और सीखने का सही माहौल बेहद जरूरी है। आंगनवाड़ी केंद्र सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों को एक सुरक्षित और पोषित वातावरण भी प्रदान करते हैं, जो उनके समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

डीएम गर्ग के इस फैसले पर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ यूजर्स उनके इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सभी सरकारी अधिकारी ऐसा करने लगें तो सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली की सूरत बदल सकती है। एक यूजर ने लिखा, “यह एक सराहनीय कदम है, जो दूसरों के लिए एक मिसाल बनेगा।”

वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि कई आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ एक अधिकारी के ऐसा करने से पूरी व्यवस्था सुधर जाएगी? कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि इन केंद्रों की नियमित निगरानी और सुविधाओं को बेहतर बनाना भी उतना ही जरूरी है।

अभिभावकों से की खास अपील

पुलकित गर्ग ने आम लोगों, ग्रामीणों और सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे सामाजिक पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली पर भरोसा करें।

उनका मानना है कि जब अधिक से अधिक लोग इस प्रणाली का हिस्सा बनेंगे, तभी यह और मजबूत और प्रभावी हो सकेगी। उनका यह कदम इस बात का संदेश देता है कि सामूहिक भागीदारी से सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।