इंदौर MGM मेडिकल छात्र अंतरिक्ष ने की आत्महत्या : पिता ने सीनियर्स पर लगाया रैगिंग का आरोप

Indore News: मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष के छात्र की आत्महत्या के बाद रैगिंग का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है।

ग्वालियर निवासी छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने 2 फरवरी की रात अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली। परिवार ने सीनियर्स पर पिछले तीन महीने से लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है, जिसने पूरे संस्थान को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए दो समितियां गठित की हैं, वहीं पुलिस ने छात्र के मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कॉलेज का कहना है कि उनके पास रैगिंग की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं है।

पिता का आरोप: कुर्सी पर बैठने और दरवाजा बंद करने तक की मनाही थी

मृतक छात्र के पिता पंकज अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में दाखिले के बाद से ही उनका बेटा बेहद परेशान था। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिक्ष पिछले तीन महीने से लगातार रैगिंग और बुलिंग का सामना कर रहा था।

परिवार के मुताबिक, सीनियर्स उसे इस कदर प्रताड़ित करते थे कि मेस में उनकी मौजूदगी में फर्स्ट ईयर के छात्रों को खड़े होकर खाना खाना पड़ता था। उन्हें कुर्सी-टेबल पर बैठने की इजाजत नहीं थी।

आरोप यह भी हैं कि छात्रों को दिन में यूनिफॉर्म बदलने और रात में अपने कमरे का दरवाजा बंद करके सोने तक की अनुमति नहीं थी। पंकज अग्रवाल ने बताया कि उनका बेटा जब भी घर आता था, रो पड़ता था। उसने एक बार फोन पर भी प्रताड़ना की शिकायत की थी, लेकिन डर के कारण किसी का नाम नहीं बताया।

आत्महत्या से ठीक पहले सामान्य था व्यवहार

परिवार इस घटना से स्तब्ध है क्योंकि आत्महत्या से ठीक पहले अंतरिक्ष का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था। उन्होंने 31 जनवरी को ही एक नया मोबाइल फोन खरीदा था और 1 फरवरी को अपने दोस्तों को पार्टी दी थी। घटना वाले दिन यानी 2 फरवरी की सुबह ही उसने पिता को फोन करके मेस फीस के लिए दो हजार रुपए ऑनलाइन मंगवाए थे और उसकी आवाज में कोई तनाव महसूस नहीं हुआ था।

कॉलेज प्रशासन और पुलिस की जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए MGM मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि दो जांच समितियां बनाई गई हैं, जिसमें एंटी-रैगिंग कमेटी भी शामिल है। उन्होंने कहा, “हमारे रिकॉर्ड में रैगिंग की कोई लिखित शिकायत नहीं है, लेकिन हम हर पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं।”

वहीं, एसीपी तुषार सिंह ने जानकारी दी कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। छात्र के दो मोबाइल फोन जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।

पहले भी विवादों में रहा है MGM कॉलेज

यह पहली बार नहीं है जब MGM मेडिकल कॉलेज रैगिंग को लेकर चर्चा में आया है। इससे पहले भी यहां रैगिंग की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। पूर्व में एक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए हॉस्टल में रैगिंग का मुद्दा उठाया गया था। इसके अलावा यूजीसी को भी देर रात तक छात्रों को प्रताड़ित करने की शिकायत भेजी जा चुकी है।