नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सदन में एक ‘अप्रत्याशित घटना’ हो सकती थी। उन्होंने बताया कि इसी गंभीर आशंका के चलते उन्होंने बुधवार शाम को होने वाले प्रधानमंत्री के भाषण को टालने का आग्रह किया था।
यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर पीएम मोदी के जवाब से ठीक पहले हुआ। हंगामे के कारण पीएम का भाषण टल गया और 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही पारित हो गया।
सूत्रों का दावा- कांग्रेस ने की थी हमले की तैयारी
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से एक और सनसनीखेज दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पर हमला करने की योजना बना रही थी। यह भी कहा गया कि इस योजना में महिला सांसदों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था। इसी इनपुट के बाद स्पीकर ने सदन को स्थगित करने का तत्काल फैसला लिया।
क्या हुआ था बुधवार को?
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार शाम 5 बजे लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था। लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की महिला सांसद हाथों में बैनर लेकर सत्ता पक्ष की सीटों के पास पहुंच गईं।
उन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी समेत कई नेताओं की कुर्सियों को घेर लिया। ये सांसद अपने 8 सहयोगियों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। भारी हंगामे के बीच पीठासीन सभापति ने सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया, जिससे पीएम का भाषण भी टल गया।
‘सदन की गरिमा के खिलाफ था व्यवहार’: ओम बिरला
गुरुवार को सदन में ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ, वह सदन के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।
“जिस तरह से महिला सदस्य प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंची, उसे पूरे देश ने देखा। यह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था। आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा।” — ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष