उज्जैन महाकाल मंदिर में 10 दिवसीय शिवनवरात्रि का शुभारंभ, पहले दिन भगवान का चंदन और भांग से हुआ दिव्य श्रृंगार

Ujjain: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में महाशिवरात्रि से पहले मनाए जाने वाले शिवनवरात्रि पर्व का शुक्रवार को शुभारंभ हो गया। यह 10 दिवसीय उत्सव कोटेश्वर महादेव के पूजन और विशेष अनुष्ठान के साथ शुरू हुआ।

पहले दिन संध्या आरती में भगवान महाकाल का चंदन और भांग से मनमोहक श्रृंगार किया गया और उन्हें नए वस्त्र अर्पित किए गए।

शुक्रवार सुबह मंदिर के गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के सान्निध्य में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक संपन्न हुआ। यह अनुष्ठान अब अगले नौ दिनों तक जारी रहेगा।

मान्यता है कि जिस प्रकार देवी की आराधना के लिए नवरात्रि मनाई जाती है, उसी तर्ज पर भारत में केवल महाकाल मंदिर में ही शिव की आराधना का यह नौ दिवसीय पर्व मनाने की अनूठी परंपरा है।

पहले दिन ऐसा रहा बाबा का स्वरूप

परंपरा के अनुसार, सुबह कोटेश्वर भगवान के पूजन के बाद दोपहर की भोग आरती हुई। इसके बाद भगवान को चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया और जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई।

शाम को पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार कर उन्हें लाल, गुलाबी और पीले रंग के नए वस्त्र धारण कराए गए। इसके साथ ही भगवान को मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से सजाया गया, जिसके दर्शन कर भक्त भावविभोर हो गए।

नौ दिनों तक होंगे ये दिव्य श्रृंगार

शिवनवरात्रि के दौरान 6 फरवरी से 15 फरवरी तक हर दिन बाबा महाकाल का एक अलग और दिव्य स्वरूप देखने को मिलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

रोजाना होने वाले श्रृंगार इस प्रकार हैं:

  • 6 फरवरी: चंदन, भांग श्रृंगार

  • 7 फरवरी: नवीन वस्त्र

  • 8 फरवरी: शेषनाग श्रृंगार

  • 9 फरवरी: घटाटोप श्रृंगार

  • 10 फरवरी: छबीना श्रृंगार

  • 11 फरवरी: होल्कर श्रृंगार

  • 12 फरवरी: मनमहेश श्रृंगार

  • 13 फरवरी: उमा महेश श्रृंगार

  • 14 फरवरी: शिव तांडव श्रृंगार

  • 15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा

महाशिवरात्रि पर 10 लाख भक्तों के आने का अनुमान

महाशिवरात्रि महापर्व पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुमान है कि इस अवसर पर लगभग 10 लाख भक्त उज्जैन पहुंचेंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था भी तय कर दी गई है। सामान्य श्रद्धालुओं को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर दर्शन होंगे, जबकि 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद लेने वालों को लगभग एक किलोमीटर चलना होगा।