CM रेखा गुप्ता का AAP पर निशाना, कहा- 2028 तक दिल्ली में चलेंगी 11,000 इलेक्ट्रिक बसें, साफ होंगी लैंडफिल साइट्स

New Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में वायु प्रदूषण और यमुना की गंदगी के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सालों की उपेक्षा और शॉर्ट-टर्म नीतियों का नतीजा है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने अपनी सरकार का रोडमैप पेश करते हुए दावा किया कि स्थायी समाधानों के जरिए दिल्ली की हवा और पानी को साफ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनका फोकस स्थायी समाधान के बजाय सिर्फ अस्थायी उपायों और प्रचार-प्रसार पर रहा। उन्होंने GRAP, ऑड-ईवन, आर्टिफिशियल बारिश और एंटी-स्मॉग गन जैसे कदमों को केवल तात्कालिक राहत देने वाला बताया, जबकि समस्या की जड़ पर काम करने की जरूरत थी।

प्रदूषण से निपटने का इंटीग्रेटेड प्लान

सीएम रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि –“ये समस्याएं अचानक पैदा नहीं हुई हैं, बल्कि सालों की उपेक्षा और शॉर्ट-टर्म पॉलिसी के परिणाम हैं।” प्रदूषण को सिर्फ हवा तक सीमित नहीं देखा जा सकता। उनकी सरकार धूल, हवा और पानी, तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वाहन उत्सर्जन, सड़कों की धूल और कमजोर कचरा प्रबंधन दिल्ली के प्रदूषण के मुख्य कारण हैं, जिनसे निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई गई है।

2028 तक 11,000 इलेक्ट्रिक बसें

सार्वजनिक परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि दिल्ली के बस बेड़े को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक करने का काम तेज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 3,600 बसें चल रही हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा उनकी सरकार ने जोड़ी हैं।

सरकार का लक्ष्य 2026 तक बसों की संख्या 7,700 और 2028 तक 11,000 तक पहुंचाना है। ये सभी बसें स्वच्छ और इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे वाहन उत्सर्जन में बड़ी कमी आएगी।

लैंडफिल साइट्स और यमुना की सफाई

कचरा प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले 11,000 मीट्रिक टन कचरे का सही से निस्तारण न होने के कारण कूड़े के पहाड़ बने। उनकी सरकार ने इस चुनौती से निपटने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट को 2026 तक पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा, हालांकि गाजीपुर साइट में थोड़ा और समय लगेगा।

यमुना की सफाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी में दशकों से बिना ट्रीटमेंट का सीवेज, कचरा और पशुओं का गोबर डाला जाता रहा है। सरकार ने 37 पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने और प्रमुख नालों की गाद निकालने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा, गोबर निस्तारण के लिए बायोगैस प्लांट भी लगाए जा रहे हैं।

रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि सही नीति, प्रतिबद्धता और जनता की भागीदारी से दिल्ली को स्वच्छ हवा और साफ यमुना का लक्ष्य हासिल होगा, लेकिन इसमें समय लगेगा।