भोपाल/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अपनी जान पर खेलकर आग में फंसे बच्चों को बचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वर्गीय कंचन बाई मेघवाल के परिवार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़े सहायता पैकेज का ऐलान किया है। सरकार कंचन बाई के इस सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में उनके परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इसकी घोषणा करते हुए कंचन बाई के अदम्य साहस को नमन किया। उन्होंने कहा कि कंचन बाई का बलिदान समाज के लिए एक मिसाल है और उनकी स्मृति को बनाए रखने के लिए एक आंगनवाड़ी केंद्र का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने ‘X’ पर की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर लिखा, “नीमच जिले के रामपुरा में आग की चपेट में आए घर में फंसे बच्चों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहन कंचन बाई मेघवाल जी के बलिदान को मैं नमन करता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बहन कंचन बाई के परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। साथ ही एक आंगनवाड़ी का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा।
क्या थी पूरी घटना?
यह दर्दनाक घटना मई महीने में नीमच जिले के रामपुरा नगर में हुई थी। एक घर में अचानक आग लग गई थी और उस समय दो मासूम बच्चे अंदर फंसे हुए थे। पास से गुजर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल ने जब बच्चों के रोने की आवाज सुनी, तो वे बिना एक पल सोचे आग की लपटों में घिरे घर के अंदर घुस गईं।
उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस बचाव अभियान में वे खुद बुरी तरह झुलस गईं और आग में फंस गईं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी और स्थानीय लोग लगातार उनके परिवार के लिए सरकारी मदद की मांग कर रहे थे।
बलिदान को मिला सम्मान
कंचन बाई के इस असाधारण शौर्य और त्याग की खबर जब मुख्यमंत्री तक पहुंची, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। अब सरकार की इस घोषणा से उनके परिवार को एक बड़ा सहारा मिला है। कंचन बाई अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गई हैं। सरकार का यह कदम समाज के लिए निस्वार्थ सेवा और बहादुरी का एक बड़ा सम्मान माना जा रहा है।