दिल्ली में सिस्टम की चूक ने छीनी ज़िंदगी, खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत

दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर सरकारी लापरवाही ने एक नौजवान की ज़िंदगी छीन ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक बाइक सवार युवक की 15 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड की निर्माण साइट पर खोदा गया था, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं किए गए थे। इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

घर लौटते वक्त रास्ता ही बन गया मौत का कारण

मृतक युवक का नाम कमल भयानी (25) था। वह दिल्ली के कैलाशपुरी इलाके का रहने वाला था और एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में नौकरी करता था। 5 फरवरी की रात वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। देर रात अंधेरे में सड़क पर मौजूद खुले गड्ढे का उसे कोई अंदाज़ा नहीं था। बाइक सीधे उसी गड्ढे में जा गिरी और कमल की मौके पर ही मौत हो गई। अगली सुबह करीब 8 बजे पुलिस को PCR कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया।

पुलिस और जल बोर्ड पर गिरी गाज

इस मामले में पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। वहीं जल बोर्ड ने भी कार्रवाई करते हुए अपने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली जल बोर्ड ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या मुआवजा एक ज़िंदगी की भरपाई कर सकता है?

परिवार का दर्द और पुलिस पर आरोप

कमल के जुड़वां भाई करण ने बताया कि कमल के लापता होने के बाद पूरा परिवार रात भर उसे ढूंढता रहा। वे 7 से 8 पुलिस स्टेशनों के चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। करण के मुताबिक, अगली सुबह जब उन्होंने कमल के फोन पर कॉल किया, तो पुलिस ने फोन उठाकर बताया कि कमल की मौत हो चुकी है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कमल की बाइक और शव दोनों गड्ढे में पड़े थे।

“अगर समय पर तलाश होती, तो जान बच सकती थी”

कमल के दोस्त मयंक ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे उनकी कमल से आखिरी बात हुई थी। कमल ने कहा था कि वह 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब वह नहीं पहुंचा तो परिवार ने तलाश शुरू की। मयंक का आरोप है कि पुलिस ने रात में शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया और कहा कि सुबह 11 बजे से पहले कोई कार्रवाई नहीं होगी। उनका मानना है कि अगर समय रहते खोज शुरू होती, तो शायद कमल की जान बच सकती थी।

राहुल गांधी का तीखा हमला

इस घटना पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही से की गई हत्या है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में फैली लालच और गैर-जिम्मेदारी की सोच ने एक और युवा की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न इस्तीफा होता है, न सज़ा मिलती है, तो ऐसी घटनाएं कैसे रुकेंगी?