मोहन यादव सरकार की पहली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, लोकसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में दर्जनों IAS-IPS अफसरों के तबादले तय

भोपाल: मध्य प्रदेश में 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ ही एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जमीन तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार अपना पहला बड़ा फेरबदल करने जा रही है, जिसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दर्जनों अधिकारियों का तबादला किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आचार संहिता हटने के तुरंत बाद यह फेरबदल किया जाएगा। इसकी सूची लगभग तैयार है और इसे मुख्यमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। यह फेरबदल डॉ. मोहन यादव की सरकार की प्रशासनिक दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा, क्योंकि वे अपनी नई टीम का गठन करेंगे।

क्यों जरूरी है यह प्रशासनिक फेरबदल?

दिसंबर 2023 में सत्ता संभालने के बाद डॉ. मोहन यादव को अपनी टीम बनाने का अधिक समय नहीं मिला था, क्योंकि जल्द ही लोकसभा चुनावों की घोषणा हो गई। अब चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सरकार उन अधिकारियों को हटाने पर विचार कर रही है जो तीन साल से अधिक समय से एक ही पद पर तैनात हैं।

इसके अलावा, कुछ अधिकारियों को पिछली सरकार का करीबी माना जाता है, जिन्हें अब नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। सरकार का लक्ष्य मैदानी स्तर से लेकर मंत्रालय तक एक ऐसी टीम तैयार करना है, जो उसकी योजनाओं और दृष्टिकोण के अनुरूप तेजी से काम कर सके। चुनाव के दौरान कुछ अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों को भी इस फेरबदल का आधार बनाया जा सकता है।

कौन-कौन हो सकता है प्रभावित?

इस बड़े फेरबदल का असर प्रदेश के कई जिलों और विभागों पर पड़ने की संभावना है।

कलेक्टर और एसपी: सूत्रों का दावा है कि एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर और कई जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) बदले जा सकते हैं। इनमें वे अधिकारी शामिल हैं जिनका कार्यकाल एक ही स्थान पर लंबा हो चुका है या जिनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

संभागीय स्तर पर बदलाव: कुछ संभागों के कमिश्नर और पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पदों पर भी नए अधिकारियों की तैनाती हो सकती है।

मंत्रालय में भी होगा असर: यह फेरबदल सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा। वल्लभ भवन (मंत्रालय) में भी कई विभागों के प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने मिलकर इसकी सूची तैयार की है।

माना जा रहा है कि जून के महीने में ही तबादला सूची जारी कर दी जाएगी। इस प्रशासनिक सर्जरी के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी सरकार की कार्यशैली की एक स्पष्ट छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे।