क्या जल्द बढ़ेगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? 8वें वेतन आयोग पर सामने आया बड़ा अपडेट

देशभर के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, अब उस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठा दिया है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि वेतन ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। यह पहल संकेत देती है कि आने वाले समय में सैलरी और पेंशन से जुड़े बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

अब कर्मचारी खुद रख सकेंगे अपनी मांग और सुझाव

वेतन आयोग ने इस बार पारंपरिक तरीकों से हटकर कर्मचारियों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल मंत्रालयों या कर्मचारी संगठनों से ही नहीं, बल्कि आम कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से भी राय ली जाएगी। इसके लिए आयोग ने MyGov पोर्टल के साथ साझेदारी की है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी सेवारत कर्मचारी या रिटायर्ड पेंशनर अपनी उम्मीदें और सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचा सकता है।

डिजिटल और पारदर्शी होगी वेतन निर्धारण की प्रक्रिया

आयोग का कहना है कि वेतन से जुड़े फैसलों में उन लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है, जिनकी जिंदगी सीधे तौर पर इससे प्रभावित होती है। इसी सोच के तहत पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या MyGov पोर्टल के माध्यम से आसानी से अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि सभी वर्गों की आवाज भी सुनी जा सकेगी।

18 अहम सवाल तय करेंगे भविष्य की सैलरी

आयोग ने केवल सामान्य सुझाव नहीं मांगे हैं, बल्कि एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की है, जिसमें कुल 18 महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं। ये सवाल आने वाले वेतन ढांचे की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, सरकार पर वित्तीय बोझ और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेतन निर्धारण की नीति पर राय मांगी गई है।

फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट पर मांगी गई राय

प्रश्नावली में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी अहम सवाल पूछे गए हैं, जो सैलरी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार माना जाता है। आयोग जानना चाहता है कि फिटमेंट फैक्टर का उद्देश्य क्या होना चाहिए और यह कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को कैसे दर्शाए। इसके अलावा यह भी पूछा गया है कि सभी पे-स्केल में इंक्रीमेंट समान होना चाहिए या पद और स्तर के अनुसार अलग-अलग तय किया जाना चाहिए। यहां तक कि शीर्ष स्तर के अधिकारियों, जैसे सेक्रेटरी लेवल, की सैलरी तय करने के मानकों पर भी सुझाव मांगे गए हैं।

16 मार्च 2026 तक दे सकते हैं अपने जवाब

आयोग ने कर्मचारियों और पेंशनरों को अपनी राय दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय दिया है। सभी सवालों के जवाब 16 मार्च, 2026 तक जमा किए जा सकते हैं। यह समय सीमा इसलिए तय की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सोच-समझकर अपने सुझाव दे सकें और वेतन आयोग तक अपनी बात पहुंचा सकें।

कागजी प्रक्रिया नहीं, केवल ऑनलाइन सुझाव होंगे मान्य

वेतन आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी तरह के फिजिकल डॉक्यूमेंट, पत्र या ईमेल के जरिए भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी सुझाव केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि आयोग ने यह भरोसा जरूर दिलाया है कि सुझाव देने वाले कर्मचारियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी बात खुलकर रख सकें।