इंदौर में अवैध बाइक-टैक्सी पर RTO की बड़ी कार्रवाई, 12 से ज्यादा गाड़ियां जब्त, चालकों का आरोप- कंपनियों ने किया गुमराह

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने अवैध रूप से चल रही बाइक-टैक्सी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। निजी इस्तेमाल वाली सफेद नंबर प्लेट लगाकर व्यावसायिक गतिविधियां करने के आरोप में RTO के उड़नदस्तों ने एक ही दिन में 12 से ज्यादा बाइकें जब्त की हैं। यह कार्रवाई शहर के व्यस्ततम इलाकों जैसे भंवरकुआं, विजय नगर और एलआईजी चौराहे पर की गई।

RTO के इस एक्शन के बाद बाइक-टैक्सी चालकों में हड़कंप मच गया है। कई चालकों ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनियों ने उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं दी कि बाइक-टैक्सी चलाने के लिए व्यावसायिक परमिट और पीली नंबर प्लेट अनिवार्य है।

चालकों का आरोप: कंपनियों ने अंधेरे में रखा

कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कई बाइक चालकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे छात्र हैं या अतिरिक्त आय के लिए यह काम कर रहे हैं। उनका कहना है, “कंपनियों ने सिर्फ हमारी निजी गाड़ी की आरसी बुक और ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर हमें अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ लिया। हमें कभी नहीं बताया गया कि इसके लिए ट्रेड लाइसेंस या कमर्शियल नंबर प्लेट की जरूरत होती है।” चालकों ने खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए कहा कि अगर उन्हें नियमों की जानकारी होती तो वे यह काम शुरू ही नहीं करते।

RTO का सख्त रुख, कंपनियों को भी नोटिस की तैयारी

इस मामले पर सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) हृदयेश यादव ने कहा कि निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग मोटर व्हीकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने बताया, “बाइक-टैक्सी के तौर पर निजी वाहनों का संचालन पूरी तरह अवैध है। इसके लिए पीली नंबर प्लेट, ड्राइवर परमिट और संबंधित लाइसेंस होना जरूरी है।”

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। RTO ने इसके लिए विशेष उड़नदस्तों का गठन किया है जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी कर रहे हैं। विभाग अब इन बाइक-टैक्सी संचालकों के साथ-साथ एग्रीगेटर कंपनियों को भी नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने इन वाहनों को अपने प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किया है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में अवैध बाइक-टैक्सी पर कार्रवाई हुई है। कुछ समय पहले भी RTO ने एक अभियान चलाकर लगभग 35 बाइकें जब्त की थीं। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का पालन करवाना है, क्योंकि व्यावसायिक वाहनों के लिए फिटनेस और बीमा के नियम अलग होते हैं।