इंदौर भागीरथ पुरा जल त्रासदी: जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने आमजन से 28 फरवरी तक मांगे सबूत, दस्तावेज और संबंधित सामग्री

इंदौर के भागीरथ पुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की वजह से हुई मौतों की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि इस मामले से संबंधित कोई भी प्रमाण, दस्तावेज, फोटो, वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट या अन्य प्रासंगिक सामग्री उनके पास हो तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि जांच प्रक्रिया को तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम जांच को पारदर्शी और व्यापक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कई बार स्थानीय स्तर पर मौजूद महत्वपूर्ण जानकारियां या निजी रिकॉर्ड जांच एजेंसियों तक नहीं पहुंच पाते, ऐसे में आम नागरिकों की सहभागिता से वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद मिल सकती है। आयोग का मानना है कि हर छोटा-बड़ा साक्ष्य इस मामले की सच्चाई तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सार्वजनिक सूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित सामग्री 28 फरवरी तक आयोग के कार्यालय में जमा कराई जा सकती है। दस्तावेज लिखित रूप में, डिजिटल माध्यम से या अन्य प्रमाणिक स्वरूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि प्रस्तुत की गई जानकारी को गंभीरता से लिया जाएगा और उसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भागीरथ पुरा में दूषित पानी की वजह से कई लोगों की जान जाने के बाद यह मामला गंभीर रूप से सामने आया था। इस घटना ने शहर में पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे में न्यायिक आयोग द्वारा आमजन से साक्ष्य मांगना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच सुनिश्चित हो सके।