इंदौर में सड़क सुरक्षा का ‘महा-अभियान’: कलेक्टर ने दिए ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के सख्त निर्देश

Indore News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इंदौर जिला प्रशासन अब सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। जिले में जानलेवा साबित हो रहे ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को न केवल चिन्हित किया गया है, बल्कि उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए युद्ध स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी सिलसिले में आज कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़ी निर्माण एजेंसियों और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

बैठक के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर सुरक्षा उपायों को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (NHAI) पर स्थित ब्लैक स्पॉट्स को लेकर सख्त लहजा अपनाया।

कलेक्टर ने कहा कि यदि संबंधित निर्माण एजेंसियां तय समय सीमा में सुरक्षात्मक उपाय—जैसे संकेतक, लाइट और बैरिकेडिंग—पूरे नहीं करती हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दो चरणों में होगा सुरक्षा कार्य

प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए द्वि-स्तरीय रणनीति तैयार की है:

  1. अस्थायी उपाय (तत्काल): अंधे मोड़ों पर रिफ्लेक्टर, अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और डिवाइडर का निर्माण ताकि वाहन चालकों को खतरे का आभास पहले ही हो जाए।

  2. स्थायी उपाय (दीर्घकालिक): ब्लैक स्पॉट की पहचान होने के बाद वहां इंजीनियरिंग में बदलाव, फ्लाईओवर या अंडरपास जैसे निर्माण कार्यों के माध्यम से समस्या का स्थायी समाधान।

प्रमुख बिंदुओं पर रही समीक्षा

बैठक में एडीएम रोशन राय, अपर आयुक्त नगर निगम आकाश सिंह और एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान सामने आया कि:

  • जिले में कुछ नए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई है जहाँ हाल ही में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।

  • कई पुराने चिन्हित स्थानों पर सुधार कार्य होने से वहां हादसों की दर में भारी कमी आई है।

  • कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जैसे ही किसी स्थान को खतरनाक घोषित किया जाए, वहां तत्काल टीम भेजकर प्राथमिक सुरक्षा बहाल की जाए।

नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता

कलेक्टर वर्मा ने दोहराया कि जिला प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस, नगर निगम और सड़क निर्माण विभाग मिलकर लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से ब्लैक स्पॉट्स का सुधार करके जिले में होने वाली असामयिक मृत्यु के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है।