Toll Tax Update: अधूरे नेशनल एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को राहत, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पूरा टोल वसूलने की व्यवस्था बदली

केंद्र सरकार ने अधूरे पड़े नेशनल एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से टोल नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत, यदि कोई एक्सप्रेसवे अपने शुरुआती बिंदु से अंतिम बिंदु तक पूरी तरह तैयार नहीं है, तो उस पर वसूला जाने वाला टोल शुल्क घटा दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी से लागू होने वाली इस व्यवस्था के तहत ऐसे मार्गों पर टोल में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी, और यह प्रावधान एक वर्ष तक या एक्सप्रेसवे के पूर्ण रूप से चालू होने तक प्रभावी रहेगा।

अब तक स्थिति यह थी कि एक्सप्रेसवे आंशिक रूप से चालू होने के बावजूद यात्रियों से उसकी पूरी लंबाई के हिसाब से टोल वसूला जाता था। जबकि नई व्यवस्था में केवल तैयार हिस्से के लिए ही शुल्क लिया जाएगा, वह भी सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग की दर के अनुरूप। यह बदलाव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता शुल्क नियमों में संशोधन कर लागू किया गया है, ताकि यात्रियों को उचित और न्यायसंगत दर पर यात्रा की सुविधा मिल सके।

आम तौर पर नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल दरें सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक होती हैं, क्योंकि ये मार्ग तेज, नियंत्रित और बाधारहित यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं। लेकिन जब तक कोई एक्सप्रेसवे पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो जाता, तब तक उस पर प्रीमियम दर वसूलना तर्कसंगत नहीं माना गया। इसी सोच के साथ सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए अधूरे एक्सप्रेसवे पर टोल दरों को कम करने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि यात्री एक्सप्रेसवे के उपलब्ध हिस्सों का अधिक उपयोग करें। इससे समानांतर चल रहे पुराने राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी। वर्तमान में देशभर में कई बड़े एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे सहित लगभग 18 एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

नए नियमों के तहत टोल दर निर्धारण राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 के अनुसार किया जाएगा। यह संशोधित प्रावधान यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ अधूरे एक्सप्रेसवे के उपयोग को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी बन सके।