मध्यप्रदेश के वरिष्ठ IPS अधिकारियों की संपत्ति का खुलासा, कौन कितनी अचल परिसंपत्ति का मालिक, जानें पूरा ब्यौरा

मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों द्वारा केंद्रीय कार्मिक विभाग को सौंपे गए संपत्ति विवरणों से उनकी अचल परिसंपत्तियों और उनसे होने वाली वार्षिक आय का विस्तृत चित्र सामने आया है। इन घोषणाओं में कई अधिकारियों के पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन, मकान, फ्लैट, व्यावसायिक संपत्तियां और कृषि भूमि दर्ज है, जिनसे नियमित किराया या कृषि आय भी प्राप्त हो रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुछ अधिकारियों की संपत्तियों से होने वाली सालाना आमदनी उनकी सरकारी वेतन आय से भी अधिक बताई गई है।

इनमें जयदीप प्रसाद, जो वर्तमान में एससीआरबी में एडीजी पद पर पदस्थ हैं और पूर्व में लोकायुक्त डीजी रह चुके हैं, के पास लगभग 5.32 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां दर्ज हैं। उनके नाम और परिवार के नाम पर भोपाल, सीहोर, नोएडा और दिल्ली में प्लॉट, कृषि भूमि, फ्लैट और कार्यालय संपत्ति दर्ज है। इन परिसंपत्तियों से उन्हें हर वर्ष उल्लेखनीय किराया और कृषि आय प्राप्त होने का उल्लेख विवरण में किया गया है।

इसी तरह अजय कुमार, जो पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं, के पास लगभग 11.65 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां दर्ज हैं। दिल्ली में फ्लैट, भोपाल में फार्महाउस और आवासीय जमीन सहित कई परिसंपत्तियों से उन्हें नियमित किराया और आय प्राप्त हो रही है। संपत्ति विवरण में इन परिसंपत्तियों के मूल्य और उनसे होने वाली मासिक/वार्षिक आय का उल्लेख किया गया है।

उपेंद्र कुमार जैन, डीजी ईओडब्ल्यू, के पास इंदौर, बड़वाह और भोपाल में कृषि भूमि और मकान दर्ज हैं। इन जमीनों से उन्हें कृषि आय प्राप्त हो रही है। कुछ संपत्तियां ऋण लेकर खरीदी गईं, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत मूल खरीद मूल्य से अधिक बताई गई है।

जेल डीजी वरुण कपूर के संपत्ति विवरण में इंदौर, भोपाल, सीहोर, झारखंड, यूपी और हरियाणा सहित कई स्थानों पर आवासीय, कृषि और व्यावसायिक संपत्तियों का उल्लेख है। इनमें से कुछ संपत्तियों से किराया और कृषि आय प्राप्त हो रही है, जबकि कुछ विरासती बताई गई हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एक पुराने भूखंड का अद्यतन विवरण इस बार दर्ज नहीं किया गया।

इन संपत्ति घोषणाओं से यह स्पष्ट होता है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने नाम तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न शहरों में निवेश किया है, जिनमें आवासीय प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि, दुकानें और औद्योगिक प्लॉट शामिल हैं। प्रस्तुत विवरण केंद्रीय कार्मिक विभाग को दिए गए आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित बताए गए हैं, जिनमें संपत्ति का स्थान, अनुमानित मूल्य, स्वामित्व और उससे होने वाली आय का उल्लेख किया गया है।