इंदौर–उज्जैन मार्ग पर एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण प्रस्तावित है, जिसे उद्योगपति विनोद अग्रवाल अपनी स्वर्गीय पत्नी की स्मृति में बनवाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। प्रवेश द्वार को ऐसे स्थान पर विकसित किया जाएगा, जहाँ से इंदौर से उज्जैन की ओर जाने वाले यात्रियों को शहर की सांस्कृतिक पहचान का भव्य स्वागत दृश्य दिखाई दे।
प्रस्तावित संरचना की चौड़ाई लगभग 233 फीट और ऊंचाई 61 फीट रखी जाएगी, जिससे यह दूर से ही आकर्षण का केंद्र बने। प्रवेश द्वार की डिज़ाइन में मालवा की पारंपरिक स्थापत्य शैली के साथ आधुनिक संरचनात्मक मजबूती का समावेश किया जाएगा, ताकि यह लंबे समय तक टिकाऊ और दर्शनीय बना रहे।
इस भव्य द्वार के शीर्ष पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। यह प्रतिमा क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और लोकआस्था का प्रतीक होगी। देवी अहिल्या की छवि के माध्यम से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को मालवा की समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास का संदेश देने का उद्देश्य है।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को एक सांस्कृतिक स्मारक के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल एक स्मृति-चिह्न होगा बल्कि इंदौर–उज्जैन मार्ग की पहचान भी बनेगा। इसके निर्माण से क्षेत्र की सौंदर्यात्मकता बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों को एक विशिष्ट दृश्य अनुभव मिलने की उम्मीद है।