बिना परमिट बसों पर कसेगा शिकंजा, 16 फरवरी से विशेष जांच अभियान शुरू

मध्य प्रदेश में बिना परमिट चलने वाली बसों पर अब सरकार की सख्ती बढ़ने वाली है। राज्य परिवहन विभाग ने 16 फरवरी से एक विशेष निरीक्षण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत उन सभी बसों की जांच की जाएगी जो बिना वैध परमिट के सड़कों पर चल रही हैं।

क्या है अभियान का उद्देश्य?

राज्य में बड़ी संख्या में बसें बिना अनुमति के यात्रियों को ढो रही हैं। ये बसें न तो सुरक्षा मानकों का पालन करती हैं और न ही इनके पास कानूनी परमिट होता है। ऐसी बसों से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने यह विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य अवैध रूप से संचालित हो रही बसों की पहचान करना और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। साथ ही यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।

कैसे चलेगा अभियान?

विशेष निरीक्षण अभियान में परिवहन विभाग की टीमें राज्यभर में तैनात रहेंगी। प्रमुख मार्गों, बस अड्डों और शहरों में चेकिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। बसों के परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

जो बसें बिना परमिट पाई जाएंगी, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। जुर्माना लगाने के साथ ही वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई संभव है।

इंदौर समेत बड़े शहरों पर विशेष फोकस

इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में अवैध बस संचालन की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। यहां इंटरसिटी रूट्स पर बड़ी संख्या में बिना परमिट बसें चलती हैं। इन शहरों में अभियान के दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। जब तक अवैध संचालन पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग जाता, कार्रवाई जारी रहेगी।

यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता

बिना परमिट चलने वाली बसें अक्सर ओवरलोडिंग करती हैं। इनमें सुरक्षा उपकरणों की कमी होती है। ड्राइवरों के पास कई बार वैध लाइसेंस भी नहीं होता। ऐसी बसों में दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सरकार का मानना है कि सख्त निरीक्षण से न केवल अवैध बसों पर रोक लगेगी बल्कि वैध परमिट धारक बस ऑपरेटरों को भी राहत मिलेगी। अवैध बसों के कारण नियमित बस ऑपरेटरों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाइयां

इससे पहले भी मध्य प्रदेश में अवैध बस संचालन के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए गए हैं। हालांकि अभियान खत्म होने के बाद फिर से अवैध बसें सड़कों पर दौड़ने लगती थीं। इस बार परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि कार्रवाई लगातार और कड़ी होगी।

विभाग ने बस ऑपरेटरों को भी चेतावनी दी है कि वे समय रहते अपने परमिट और दस्तावेज पूरे कर लें। अभियान शुरू होने के बाद किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। 16 फरवरी के बाद से पकड़ी गई बिना परमिट बसों पर तुरंत कार्रवाई होगी।

यह अभियान मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।