इंदौर के गोयल नगर क्षेत्र में पानी के बिलों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां के निवासियों को एक साथ तीन वर्षों का पानी का बिल जारी कर दिया गया। भारी-भरकम बिल देखकर लोगों में नाराजगी फैल गई। इस समस्या को लेकर नागरिकों ने जनता चौपाल में शिकायत दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला
गोयल नगर के कई परिवारों को नगर निगम की ओर से पानी के बिल भेजे गए। इन बिलों में पिछले तीन साल की बकाया राशि एक साथ दर्शाई गई है। निवासियों का कहना है कि इतने लंबे समय तक बिल नहीं भेजे गए और अब अचानक पूरी राशि एकमुश्त मांगी जा रही है। कई परिवारों के लिए यह रकम काफी बड़ी है, जिसे एक बार में चुकाना संभव नहीं है।
जनता चौपाल में उठी आवाज
स्थानीय निवासियों ने जनता चौपाल का मंच इस्तेमाल करते हुए अपनी शिकायत रखी। उन्होंने मांग की कि नगर निगम बिलों को किस्तों में बांटे। साथ ही भविष्य में नियमित रूप से बिल भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। कई नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि तीन साल तक बिल क्यों नहीं भेजे गए।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
जनता चौपाल में उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायत सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस समाधान निकालेगा। लोगों का कहना है कि अगर समय पर बिल भेजे जाते तो यह समस्या ही नहीं पैदा होती।
पानी की आपूर्ति और बिलिंग में खामियां
गोयल नगर का यह मामला इंदौर नगर निगम की बिलिंग प्रणाली में गंभीर खामियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल बिलिंग और नियमित ऑडिट से ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है। नगर निगम को अपनी जल आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो।
गौरतलब है कि इंदौर में पहले भी कई इलाकों से पानी के बिलों को लेकर शिकायतें आती रही हैं। नागरिक संगठनों ने बार-बार मांग की है कि बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। जनता चौपाल जैसे मंच इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जहां आम लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकते हैं।
फिलहाल गोयल नगर के निवासी प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अगर किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाती है तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।