इंदौर मेट्रो परियोजना में एक अहम पड़ाव पूरा हो गया है। करीब 11 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रैक पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब इस ट्रैक पर यात्री सेवा शुरू करने के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CMRS) की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।
CMRS निरीक्षण अहम कदम
किसी भी मेट्रो ट्रैक पर यात्री परिचालन शुरू करने से पहले CMRS का निरीक्षण अनिवार्य होता है। यह निरीक्षण सुरक्षा मानकों की जांच के लिए होता है। CMRS ट्रैक, सिग्नलिंग, स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचे की बारीकी से जांच करता है। मंजूरी मिलने के बाद ही मेट्रो को सार्वजनिक सेवा में उतारा जा सकता है।
इंदौर मेट्रो परियोजना की प्रगति
इंदौर मेट्रो रेल परियोजना मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की बढ़ती यातायात समस्या को कम करना है। 11 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण कार्य पूरा होना परियोजना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मेट्रो ट्रैक के साथ-साथ स्टेशनों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। ट्रैक पर ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। अब सभी तकनीकी और सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने के बाद CMRS से अंतिम मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही है।
इंदौर शहर के लिए क्यों जरूरी है मेट्रो
इंदौर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। तेजी से बढ़ती आबादी के साथ यहां सड़कों पर भीड़भाड़ लगातार बढ़ रही है। मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
मेट्रो परियोजना से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। रोजाना हजारों यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। खासतौर पर कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी।
आगे की राह
CMRS की मंजूरी मिलने में कुछ सप्ताह का समय लग सकता है। निरीक्षण के दौरान अगर कोई कमी पाई जाती है तो उसे पहले दूर करना होगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी हैं और जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मंजूरी मिलते ही इंदौर मेट्रो के 11 किलोमीटर के इस हिस्से पर यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी। इससे इंदौर उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहां मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है। यह मध्य प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।