उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा था कि जातियों को छोड़कर हिंदू समाज की एकता पर बात होनी चाहिए। उनका कहना था कि इस देश में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। इस बयान के बाद यूपी में बीजेपी और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
सपा विधायक अतुल प्रधान का तीखा पलटवार
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने भागवत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गधे और घोड़े का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी बातें कर रहे हैं जो तर्कहीन हैं।
“कुदरत ने इंसान को धरती पर भेजा है तो कोई गधा या घोड़ा कैसे हो सकता है। जाति के नाम पर कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।” — अतुल प्रधान, सपा विधायक
अतुल प्रधान ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा शुरू से साफ रही है। पार्टी दबे-कुचले, शोषित और वंचित वर्गों के साथ खड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले आरएसएस बना या हिंदू धर्म अस्तित्व में आया।
सपा विधायक ने आगे कहा कि व्यक्ति किस जाति में जन्म लेता है, यह उसकी इच्छा नहीं होती। यह ईश्वर की देन है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है। उनका तर्क था कि जाति और धर्म आरएसएस ने नहीं बनाए, लेकिन आज कई लोग इसके ठेकेदार बन बैठे हैं।
सपा के बागी विधायक अभय सिंह ने किया भागवत का समर्थन
दिलचस्प बात यह रही कि सपा के बागी विधायक अभय सिंह ने मोहन भागवत के बयान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भागवत की बात बिल्कुल सत्य है।
“विपक्ष और कुछ स्वार्थी लोग सत्ता के लालच में जातियों के विभाजन की राजनीति करते हैं। समाज में हिंदू, हिंदुत्व और सनातन जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” — अभय सिंह, सपा बागी विधायक