इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने एक बार फिर नंबर-1 का ताज हासिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। सोमवार को RRR केंद्र, केसर बाग में स्वच्छता अभ्यास वर्ग और स्वच्छ वार्ड रैंकिंग अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, आयुक्त क्षितिज सिंघल और बड़ी संख्या में पार्षद मौजूद रहे।
400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग टूलकिट का अनावरण
कार्यशाला में 400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग टूलकिट की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके तहत अब शहर के हर वार्ड का रोजाना मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन के पैमानों में कचरा प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण, जनसहभागिता, सफाई व्यवस्था, RRR गतिविधियाँ और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता शामिल हैं।
नगर निगम की योजना है कि इस रैंकिंग प्रणाली से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। हर वार्ड को प्रतिदिन डिजिटल पोर्टल पर सफाई रिपोर्ट अपडेट करनी होगी। निरीक्षण टीम नियमित विजिट करेगी और नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा। वर्ष के अंत में शीर्ष वार्ड को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाएगा।
सूरत, नवी मुंबई और विशाखापत्तनम के मॉडल अपनाने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान सूरत, नवी मुंबई और विशाखापत्तनम के अध्ययन दौरों के अनुभव साझा किए गए। इन शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, उन्नत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, क्लीन स्ट्रीट सिस्टम और मशीनरी आधारित सफाई जैसी श्रेष्ठ व्यवस्थाएँ संचालित हैं। इंदौर में इनमें से कई मॉडल अपनाने की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
डिजिटल RRR टैलेंट प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
कार्यशाला में इंदौर RRR टैलेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारंभ भी हुआ। इस प्लेटफॉर्म के जरिये शहर में तकनीकी नवाचार, युवा प्रतिभा, क्लीन-ग्रीन प्रोजेक्ट और डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। सफाई से जुड़े नवाचारों को अब एक संगठित मंच मिलेगा।
महापौर बोले — इंदौर को नंबर-1 बनने से कोई नहीं रोक सकता
“इंदौर को फिर नंबर-1 बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 3.5 वर्ष के कार्यकाल में पार्षदों ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कुछ काम पूरे हुए, कुछ प्रगति पर हैं और कई योजनाएँ पाइपलाइन में हैं। यदि हम सभी स्वच्छता के पैरामीटरों का पालन करते हुए तन्मयता से काम करें तो इंदौर को नंबर-1 बनने से कोई नहीं रोक सकता। कुछ लोगों ने झूठे आरोप लगाए, लेकिन हमारा जवाब हमारा काम है। अब परीक्षा का समय है और इंदौर फिर से स्वच्छता का चैंपियन बनेगा।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
भाजपा नगर अध्यक्ष ने पार्षदों की मेहनत को सराहा
“स्वच्छता अभियान में पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। हमारे पार्षद पाँच वर्षों तक रोज 17-18 घंटे मेहनत करते हैं। कुछ लोग देश और सेना पर सवाल उठाते हैं, उसी तरह इंदौर की स्वच्छता पर भी प्रश्न खड़े करते हैं। ऐसे लोगों को हमारा असली काम और उपलब्धियाँ दिखानी चाहिए। इंदौर नंबर-1 था, है और मेहनत से आगे भी रहेगा।” — सुमित मिश्रा, भाजपा नगर अध्यक्ष
आयुक्त बोले — टीमवर्क से ही बनेगी बात
“शहर का सम्मान हम सबकी पहचान है। इसे बनाए रखने के लिए अधिकारी, पार्षद और नागरिक सबको एक टीम की तरह काम करना होगा। हर संस्था में चुनौतियाँ होती हैं। वित्तीय प्रबंधन में भी सुधार और नवाचार जरूरी हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण और फाइनेंस दोनों में पार्षदों का सहयोग अहम रहेगा।” — क्षितिज सिंघल, नगर निगम आयुक्त
क्या है पूरी रणनीति?
इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए बहुआयामी रणनीति तैयार की है। इसमें हर वार्ड में ‘क्लीन मिशन’ चलाना, डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य करना, अन्य शहरों की सर्वश्रेष्ठ प्रणालियाँ अपनाना और नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। रैंकिंग का मुख्य उद्देश्य इंदौर के हर क्षेत्र को समान रूप से स्वच्छ बनाना है।
लगातार कई वर्षों तक स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल करने वाला इंदौर अब नई चुनौतियों के साथ फिर से अपना दबदबा कायम करने की पूरी तैयारी में है।