उज्जैन के नागझिरी थाना क्षेत्र में स्थित लालपुर के सरकारी बालगृह से फरार हुए दो नाबालिग बच्चों की तलाश 27 दिन बाद भी जारी है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
कैसे हुए फरार?
घटना 20 जनवरी की है। दोनों बच्चों ने वॉशरूम जाने का बहाना बनाया। अंदर जाकर उन्होंने वहां लगी लोहे की ग्रिल तोड़ दी। ग्रिल तोड़ने के बाद दोनों बालगृह परिसर से बाहर निकल गए।
जब काफी देर तक बच्चे वॉशरूम से नहीं लौटे तो स्टाफ ने जांच की। अंदर कोई नहीं मिला। टूटी हुई ग्रिल से साफ हो गया कि दोनों भाग चुके हैं। इसके बाद तुरंत नागझिरी थाना पुलिस को सूचना दी गई।
कौन हैं फरार बच्चे?
पुलिस जांच में सामने आया कि फरार नाबालिगों में एक की उम्र 13 साल और दूसरे की 15 साल है। 13 वर्षीय बच्चा नेपाल का निवासी है। उसे शाजापुर से उज्जैन के इस बालगृह में भेजा गया था। वह करीब तीन महीने पहले ही यहां लाया गया था।
दूसरा बच्चा दिल्ली का रहने वाला है। वह लगभग एक साल से इसी बालगृह में रह रहा था। दोनों ने मिलकर फरार होने की योजना बनाई थी।
तलाश में पुलिस का अभियान
पुलिस ने फरार बच्चों की खोज के लिए व्यापक स्तर पर सर्च अभियान चलाया। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटाई गई। हालांकि चार सप्ताह की मशक्कत के बाद भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
नेपाल भागने की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, नेपाल निवासी बच्चे के अपने घर लौट जाने की प्रबल आशंका है। चूंकि भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही अपेक्षाकृत आसान है, इसलिए यह संभावना बनी हुई है कि वह सीमा पार कर गया हो। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
दूसरे बच्चे के बारे में भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। वह दिल्ली का निवासी है, लेकिन अभी तक वहां से भी कोई सूचना नहीं आई है।
बालगृह की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने बालगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वॉशरूम की ग्रिल इतनी कमजोर थी कि दो नाबालिग बच्चे उसे आसानी से तोड़ सके। स्टाफ की निगरानी में भी खामियां उजागर हुई हैं। बच्चों को वॉशरूम में काफी देर तक रहने दिया गया और किसी ने जांच नहीं की।
यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी बालगृहों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम हैं। बालगृह प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
पुलिस की तलाश जारी
फिलहाल नागझिरी थाना पुलिस लगातार दोनों बच्चों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने बताया कि सर्चिंग अभियान अभी भी जारी है। विभिन्न राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। दोनों बच्चों की पहचान से जुड़ी जानकारी संबंधित थानों के साथ साझा की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक दोनों नाबालिगों को ढूंढ नहीं लिया जाता, तलाश रुकेगी नहीं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी सतर्क है।