इंदौर में कलेक्टर से मिले श्रवणसिंह चावड़ा: बरलाई शक्कर कारखाना किसानों के मुआवजे की मांग

Indore News: मालवा सहकारी शक्कर कारखाना, बरलाई से जुड़े अंशधारक किसानों के मुआवजे का मुद्दा मंगलवार को इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवणसिंह चावड़ा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का कहना रहा कि किसानों को उनके हिस्से के अनुपात और जमीन के मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर उचित भुगतान दिलाया जाए।
बैठक में नेताओं ने कहा कि बरलाई शक्कर कारखाने से जुड़े हजारों किसानों का भुगतान लंबित है और इस पर स्पष्ट प्रशासनिक निर्णय जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान प्रक्रिया के साथ पुराने भूमि रिकॉर्ड किसानों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वामित्व और हिस्सेदारी से जुड़े विवादों का दस्तावेजी समाधान हो सके।
मुआवजा, रिकॉर्ड और निर्माण रोकने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, संबंधित किसानों को बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा दिया जाए। दूसरी, पुराने भूमि रिकॉर्ड किसानों को सौंपे जाएं। तीसरी, संबंधित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य तब तक रोके जाएं, जब तक किसानों के अधिकारों का अंतिम निर्धारण नहीं हो जाता।
नेताओं का तर्क था कि भुगतान और अधिकार स्पष्ट हुए बिना निर्माण आगे बढ़ने से विवाद और बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि किसी भी आगे की गतिविधि से पहले किसानों के दावों और बकाया भुगतान की स्थिति साफ की जाए।
समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव
बैठक में शासन और किसानों के बीच एक समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, समिति बनने से दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद संभव होगा और लंबित मुद्दों का चरणबद्ध समाधान निकल सकता है।
इसके साथ ही किसानों से पूर्व में लिए गए शुल्क को वापस करने की मांग भी रखी गई। भाजपा पदाधिकारियों ने प्रशासन से कहा कि भुगतान सुनिश्चित होने के बाद ही किसी प्रकार का नया निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।

“किसानों का भुगतान सुनिश्चित होने के बाद ही आगे किसी प्रकार का निर्माण कार्य किया जाए।” — बैठक में मौजूद भाजपा पदाधिकारी

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
कलेक्टर के साथ हुई इस बैठक में श्रवणसिंह चावड़ा के साथ किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री रवि रावलिया, आईपीसी बैंक के पूर्व अध्यक्ष उमानारायण पटेल, गोपाल सिंह चौधरी, कंचनसिंह चौहान, भारतसिंह चौहान, सुभाष चौधरी, पवन सिंह पटेल और लोकेंद्रसिंह पंवार सहित अन्य किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना रहा कि समयबद्ध कार्रवाई से मुआवजा, रिकॉर्ड और निर्माण विवाद जैसे मुद्दों पर स्पष्टता आएगी और प्रभावित किसानों को राहत मिल सकेगी।