Silver Gold Closing Price: चांदी ₹4 हजार बढ़कर ₹2.37 लाख पर: सोना ₹291 सस्ता होकर ₹1.52 लाख हुआ 

Silver Gold Closing Price: सोना-चांदी की कीमतों में 18 फरवरी को अलग-अलग रुख दिखा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 3,834 रुपए बढ़कर 2.37 लाख रुपए हो गई।

पिछले कारोबारी दिन यह 2.33 लाख रुपए प्रति किलो थी। दूसरी ओर, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 291 रुपए घटकर 1.52 लाख रुपए पर आ गया।

बाजार के हालिया ट्रेंड में यह बदलाव इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि जनवरी के अंत में दोनों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी थीं। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। उसके बाद से दामों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है।

2025 में सोना-चांदी की बड़ी छलांग दर्ज

उपलब्ध सालाना आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में सोने की कीमत में 57 हजार रुपए यानी करीब 75% की बढ़त दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76 हजार रुपए था, जो 31 दिसंबर 2025 तक 1.33 लाख रुपए हो गया।

इसी अवधि में चांदी की चाल और तेज रही। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86 हजार रुपए थी, जो 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गई। यानी सालभर में 1.44 लाख रुपए, लगभग 167% की बढ़त दर्ज हुई।

आगे की दिशा पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर और एमडी जी. चोक्कालिंगम ने सोना-चांदी के साथ अन्य धातुओं में भी उच्च अस्थिरता की संभावना जताई है। उनका कहना है कि कॉपर जैसे इंडस्ट्रियल मेटल्स भी इसी दबाव में रह सकते हैं।

“सोने-चांदी के साथ कॉपर जैसे इंडस्ट्रियल मेटल्स अत्यधिक अस्थिर रहेंगे। अगले 6 महीनों में इनके दाम कम से कम 10% और घट सकते हैं। वैश्विक आर्थिक विकास में मंदी, क्रिप्टोकरेंसी और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट जैसे जोखिम कमोडिटी की कीमतों पर असर डाल सकते हैं।” — जी. चोक्कालिंगम

विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक जोखिम बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित और जोखिम वाले एसेट्स के बीच तेजी से शिफ्ट करते हैं। इसका असर कमोडिटी बाजार में तेज मूवमेंट के रूप में दिखता है। इसी वजह से आने वाले महीनों में कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रह सकती है।

सोना खरीदते समय ये दो जांच जरूर करें

1) केवल हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना लें: खरीदारी करते समय BIS हॉलमार्क जरूर देखें। यह अल्फान्यूमेरिक पहचान के साथ आता है, जैसे AZ4524। इसी से शुद्धता और कैरेट की पुष्टि होती है।

2) खरीद के दिन का भाव और वजन क्रॉस-चेक करें: अलग-अलग स्रोतों से रेट मिलाएं और वजन की पुष्टि करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग होते हैं, इसलिए बिल में दर्ज कैरेट और रेट को मिलान करना जरूरी है।

बाजार जानकारों का मानना है कि रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई अस्थिरता में खुदरा खरीदारों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। कीमत में दैनिक बदलाव को देखकर चरणबद्ध खरीदारी और प्रमाणित ज्वेलरी पर जोर देना व्यावहारिक रणनीति मानी जा रही है।