मध्य प्रदेश के उत्तर और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में मौसम ने फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शिवपुरी, ग्वालियर और भिंड जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखने, निचले हिस्सों की निगरानी बढ़ाने और बिजली व्यवस्था को लेकर फील्ड टीमों को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में मौसम बदलाव का असर दिनभर महसूस किया गया। कई जगह तापमान में गिरावट दर्ज हुई और उमस में कमी आई। बादल बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार में भी उतार-चढ़ाव देखा गया, जिससे कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा।
किन जिलों पर खास नजर
IMD के अलर्ट में शिवपुरी, ग्वालियर और भिंड प्रमुख रूप से शामिल हैं। विभाग ने आसपास के क्षेत्रों के लिए भी स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई है। ऐसे हालात में ग्रामीण इलाकों, कच्ची सड़कों और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश दर्ज हो सकती है, जबकि पास के अन्य हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसलिए जिला स्तर पर रीयल टाइम मॉनिटरिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लोगों के लिए क्या सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें। बिजली कड़कने की स्थिति में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी रखें। बाइक और दुपहिया वाहन चालकों को फिसलन वाले रास्तों पर धीमी गति रखने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए भी स्थानीय कृषि विभाग ने मौसम अपडेट पर नजर रखने की बात कही है। खेतों में सिंचाई, कटाई या दवा छिड़काव जैसे काम मौसम साफ होने के बाद करने की सलाह दी जा रही है, ताकि फसल और संसाधनों का नुकसान कम किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बदलते मौसम के बीच वायरल संक्रमण से बचाव पर ध्यान देने को कहा है। पीने का साफ पानी, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल, और मौसम के अनुरूप दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई है।
आगे का मौसम रुख
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले चरणों में भी बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि जिलेवार प्रभाव अलग-अलग रहेगा। नागरिकों से कहा गया है कि वे आधिकारिक बुलेटिन, जिला प्रशासन के अपडेट और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एडवाइजरी का पालन करें।
राज्य में हाल के दिनों में मौसम तेजी से बदलता रहा है। इसी वजह से प्रशासन और विभाग दोनों सतर्क मोड में हैं। फिलहाल प्राथमिकता जनसुरक्षा, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत रखने पर है।