उज्जैन में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर होती रही। रात से सुबह तक बने इस मौसम ने शहर में ठंडक बढ़ा दी। सुबह कामकाज के लिए निकले लोगों को बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के बीच आवाजाही करनी पड़ी। कई लोग छाता और गर्म कपड़ों के सहारे बाहर निकले।
फरवरी में यह लगातार दूसरा दिन रहा, जब शहर में बारिश दर्ज की गई। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बीती रात कुल 2.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो बुधवार के 31 डिग्री से 3 डिग्री कम रहा। वहीं बुधवार का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री था, जो बारिश के बाद 1.5 डिग्री बढ़कर 16.5 डिग्री सेल्सियस हो गया।
फसलों पर असर की आशंका, किसानों की चिंता बढ़ी
लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस समय रुक-रुककर हो रही बारिश को किसान जोखिम की तरह देख रहे हैं। कृषि क्षेत्र में चिंता का मुख्य कारण यह है कि फरवरी में इस तरह की नमी और बेमौसम वर्षा कई फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
22 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव संभव
शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि 22 फरवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से सर्दी में कमी और दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना बताई गई है।
“22 फरवरी से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयीन क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से सर्दी में कमी और तापमान में बढ़ोतरी संभव है।” — राजेंद्र गुप्त, अधीक्षक, शासकीय जीवाजी वेधशाला