सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट में पेश राहुल गांधी: 9 मार्च को होगी अमित शाह मानहानि केस की अगली सुनवाई

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। यह पेशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में हुई।
सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि अदालत में राहुल गांधी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया। उनके वकील ने सुनवाई के बाद कहा कि बचाव पक्ष ने अदालत को बताया है कि मुकदमा राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है और आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कोर्ट पहुंचने पर जज को हाथ जोड़कर नमस्कार किया और कार्यवाही पूरी होने पर धन्यवाद भी कहा। वह करीब 20 मिनट तक अदालत में रहे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है।

दिल्ली से लखनऊ, फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर पहुंचे

राहुल गांधी शुक्रवार सुबह दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते और कोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। समर्थकों ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार नहीं किया।
सुनवाई के बाद कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और वकील जुट गए। भीड़ बढ़ने पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मुख्य गेट के बजाय दूसरे गेट से बाहर निकाला।
कोर्ट के बाद रामचेत मोची के परिवार से मुलाकात
पेशी के बाद राहुल गांधी सुल्तानपुर में रामचेत मोची की दुकान पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रामचेत की पोती श्रद्धा को गोद में लिया। बच्ची के पैर में चोट देखकर उन्होंने परिवार से हाल पूछा। परिवार ने बताया कि चोट ठीक नहीं हो रही है। इसके बाद राहुल गांधी ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बच्ची के इलाज की व्यवस्था पर बात करने को कहा।
रामचेत मोची सुल्तानपुर में हाईवे किनारे जूते-चप्पल की मरम्मत और सिलाई का काम करते थे। परिवार के मुताबिक, उनका निधन कैंसर और टीबी से 11 नवंबर 2025 को हुआ था। अब दुकान उनका बेटा संभाल रहा है।
राहुल और रामचेत की मुलाकात का पुराना संदर्भ
राहुल गांधी इससे पहले 26 जुलाई 2024 को भी इसी मामले में पेशी के लिए सुल्तानपुर आए थे। उस समय कोर्ट से लौटते हुए वे रामचेत की दुकान पर रुके थे। करीब पांच मिनट की मुलाकात में उन्होंने रामचेत से काम की बारीकियां जानी थीं और खुद जूता सिलकर भी देखा था।

उस मुलाकात के बाद आर्थिक मदद का सिलसिला भी चला। अगस्त 2025 में राहुल गांधी ने रामचेत को लगभग एक लाख रुपये कीमत की जापानी सिलाई मशीन भिजवाई थी। इसके बाद करीब 50 हजार रुपये कीमत के चार कार्टन सामान भी भेजे गए थे। रामचेत के परिवार के अनुसार राहुल गांधी ने फोन पर भी मदद का भरोसा दिया था और इलाज में सहयोग किया था।
क्या है अमित शाह टिप्पणी से जुड़ा मानहानि मामला
यह मामला करीब आठ साल पुराना है। आरोप है कि 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस समय राहुल गांधी ने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है।
इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में चल रही है।
अदालत ने 19 जनवरी को राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। उस आदेश में बचाव पक्ष को चेतावनी देते हुए कहा गया था कि यह अंतिम मौका माना जाएगा, इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। शुक्रवार की पेशी उसी प्रक्रिया का हिस्सा रही। अब इस बहुचर्चित मामले में कानूनी बहस अगले चरण में 9 मार्च को आगे बढ़ेगी।