पुष्यमित्र भार्गव की वार्ड 57 में जनसुनवाई, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश, नागरिक समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा

इंदौर में विधानसभा क्षेत्र-3 के वार्ड 57 में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज जनता चौपाल आयोजित की। चौपाल से पहले उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय पार्षद सुरेश टाकलकर, एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा, भाजपा उपाध्यक्ष भरत पारख, महापौर प्रतिनिधि भावेश दवे, जोनल अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष जताया, लेकिन कुछ कामों की धीमी गति को गंभीर माना। उन्होंने संबंधित जोनल अधिकारियों को लंबित कामों में तत्काल तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। प्रशासनिक टीम को यह भी कहा गया कि जिन कार्यों से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है, उन्हें प्राथमिकता सूची में रखा जाए।

महापौर ने जेल रोड, लोधी मोहल्ला, नारायण बाग, पंतवेद नगर और रामबाग का दौरा किया। इन इलाकों में मेट्रो निर्माण के कारण प्रभावित और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के आदेश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मरम्मत कार्य चरणबद्ध नहीं, जरूरत के हिसाब से त्वरित तरीके से किया जाए ताकि नागरिकों की आवाजाही सामान्य रह सके।

“भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पानी जैसी अहम आवश्यकता पर दीर्घकालिक काम शुरू किए गए हैं। अभी कुछ असुविधा रहेगी, लेकिन काम पूरा होने पर इसका लाभ लंबे समय तक मिलेगा।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर

जनसुनवाई में ध्वनि, सीवरेज, ट्रैफिक और स्वच्छता के मुद्दे

जनता चौपाल में नागरिकों ने कई स्थानीय समस्याएं रखीं। प्रमुख शिकायतों में ध्वनि प्रदूषण, मस्जिदों से तेज आवाज, संकरी बेकलाइन के बार-बार चोक होने, चूहों की बढ़ती समस्या और स्ट्रीट डॉग्स की संख्या शामिल रही। महापौर ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर कलेक्टर से चर्चा हो चुकी है और इस संबंध में जल्द कार्रवाई की जाएगी।

संकरी बेकलाइन और चोक लाइनों को लेकर महापौर ने सभी छोटी गलियों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। अवरुद्ध लाइनों की तत्काल सफाई और नियमित मॉनिटरिंग के लिए जोनल अमले को जिम्मेदारी तय करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ब्रिज में बन रहे गैप को ठीक करने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि दुर्घटना और जाम की आशंका कम हो।

ट्रैफिक और अतिक्रमण की शिकायतों पर भी चौपाल में चर्चा हुई। महापौर ने संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई का निर्देश दिया, ताकि एक ही क्षेत्र में बार-बार समस्या न बने। अधिकारियों को कहा गया कि मौके पर समाधान के साथ अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।

ऑटो किराया, लोखंडे पुल और मच्छरों पर भी निर्देश

रहवासियों ने ऑटो रिक्शा द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायत करते हुए सख्त नियम बनाने की मांग उठाई। इसके साथ लोखंडे पुल पर अधिक ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वालों को हो रही परेशानी को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में रखा गया। महापौर ने कहा कि इन दोनों विषयों पर संबंधित इकाइयों से समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी।

नलों के आसपास सफाई की कमी से मच्छरों की बढ़ोतरी की शिकायत पर महापौर ने सफाई अमले को तत्काल विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर सफाई, कीट नियंत्रण और संवेदनशील स्थलों की पहचान के लिए अलग से निरीक्षण योजना बनाने को कहा गया। उद्देश्य यह रखा गया कि शिकायत आने के बाद नहीं, बल्कि पहले से रोकथाम की व्यवस्था हो।

चौपाल में जलकर बिल मोबाइल पर आने के बाद कुछ उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान नहीं करने की समस्या भी सामने आई। नागरिकों ने सवाल उठाया कि नियमित और ईमानदारी से बिल जमा करने वालों को किस तरह प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पर महापौर ने कहा कि नगर निगम पारदर्शी और प्रोत्साहन-आधारित प्रणाली पर काम कर रहा है, ताकि भुगतान अनुशासन बढ़े और जिम्मेदार उपभोक्ताओं को उचित लाभ मिल सके।

चौपाल के दौरान नागरिकों ने यह भी कहा कि इंदौर सभी का शहर है और इसे बेहतर बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। महापौर ने इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि इंदौर की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी है, और इसी मॉडल ने स्वच्छता व विकास के कामों को लगातार गति दी है।

“इंदौर जनभागीदारी के लिए दुनिया में जाना जाता है। यही हमारी स्वच्छता और विकास की सबसे बड़ी ताकत है।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर

वार्ड 57 की इस चौपाल में प्रशासनिक निरीक्षण और जनसुनवाई दोनों को साथ रखा गया। मौके पर दिए गए निर्देशों से संकेत मिला कि नगर निगम अब स्थानीय शिकायतों को विभागवार बांटकर समयबद्ध कार्रवाई की दिशा में काम करेगा। महापौर ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि विकास कार्यों की गति बढ़ाने के साथ रोजमर्रा की शहरी समस्याओं पर भी त्वरित समाधान लागू किए जाएंगे।