इंदौर राजवाड़ा में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, जीतू पटवारी-उमंग सिंघार के पुतले जलाए

इंदौर में दोपहर के समय राजवाड़ा पर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, मोर्चा नगर अध्यक्ष शैलजा मिश्रा, हरप्रीत सिंह बक्शी, भूपेंद्र सिंह केसरी और गोविंद पंवार मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के पुतले जलाए गए।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इंदौर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी कर रही है। मंच से कहा गया कि शहर की छवि, प्रशासनिक काम और नागरिक भागीदारी पर सवाल उठाना गलत है। महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।

भागीरथपूरा घटना को लेकर भाजपा का हमला

भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि भागीरथपूरा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना से शहर का हर नागरिक आहत हुआ था। उनके मुताबिक, उस समय इंदौर के लोग एकजुट होकर प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता राहत के दौरान सक्रिय रहे।

मिश्रा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय लगातार चार दिन तक भागीरथपूरा क्षेत्र में मौजूद रहे और पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ितों के बीच काम करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पीड़ितों के बीच जाकर सेवा नहीं की और मौतों पर राजनीति की।

“भागीरथपूरा की घटना में पूरा इंदौर आहत था, लेकिन कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है।” — सुमित मिश्रा

भोपाल गैस कांड और 1984 दंगों का भी जिक्र

प्रदर्शन के दौरान सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भोपाल गैस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल हादसा नहीं था। उन्होंने 1984 में सिख समुदाय पर हुए नरसंहार का भी जिक्र किया और कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर प्रश्न खड़े किए।

इन बयानों के जरिए भाजपा ने कांग्रेस पर पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता की कमी का आरोप दोहराया। हालांकि मंच से कही गई इन बातों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस कार्यक्रम में सामने नहीं आई।

स्वच्छता रैंकिंग और शहर की छवि पर बयान

सुमित मिश्रा ने कहा कि इंदौर लगातार आठवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना है। उनके अनुसार यह उपलब्धि जनता की भागीदारी, सफाई मित्रों की मेहनत और प्रशासनिक टीम के काम से संभव हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के बयान इन प्रयासों पर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इंदौर की छवि खराब करने और स्वच्छता पुरस्कार पर सवाल उठाने के लिए शहरवासियों, सफाई मित्रों और अधिकारियों से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के मंच से यह मांग प्रमुख रूप से दोहराई गई।

“इंदौर की स्वच्छता उपलब्धि पर सवाल उठाना शहर के श्रम का अपमान है।” — सुमित मिश्रा

प्रदर्शन का स्वरूप और शामिल कार्यकर्ता

महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने विरोध के दौरान पुतलों को सड़क पर रखकर नारेबाजी की और बाद में उन्हें आग के हवाले किया। मौके पर जीतू पटवारी और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान संगठन की महिला इकाइयों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

कार्यक्रम में मंजू ठाकुर, स्वाति काशीद, कंचन गिदवानी, वृंदा गौड, निशा यादव, कविता यादव, सुधा सुखयानी, माधुरी जायसवाल, शीला गुप्ता, सुनीता गुरंग, लीना तिवारी, राधा कुशवाह, देविका कौशल, गायत्री कुमावत, हरविंदर कौर, पुष्पा चौधरी, आभा जानी, इंदू शर्मा, मोनिका सबनीस, परमजीत कौर, संगीता जायसवाल, दीपा गौड़, रिंकी रायकवार और रचना रघुवंशी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहीं।

आयोजकों के अनुसार भागीरथपूरा क्षेत्र से भी महिलाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। इनमें सोना चौरसिया, लक्ष्मी वर्मा, गीता यादव, अनीता छाबड़ा, छाया रावल, विजेता दीदी, मंजू ठाकरे, पूजा मिश्रा, मीना यादव और राधा केथुनिया के नाम शामिल बताए गए।

यह प्रदर्शन इंदौर की स्थानीय राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुआ। फिलहाल इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु भागीरथपूरा घटना, शहर की स्वच्छता छवि और कांग्रेस नेतृत्व पर भाजपा के आरोप रहे।