मध्य प्रदेश में मौसम का अस्थिर दौर जारी है और अगले चार दिन तक आंधी-बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शनिवार सुबह भोपाल और जबलपुर में हल्की बरसात दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में बादल छाए रहे।
मौसम पैटर्न के अनुसार 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम असर दिखाएगा। इसका प्रभाव दक्षिण-पूर्वी जिलों में अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना बताई गई है। इससे पहले भी तीन दिन से कई हिस्सों में तेज हवा, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की स्थिति बनी रही है।
बीते 24 घंटे में इन जिलों में दर्ज हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर और छतरपुर सहित 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग रही, लेकिन बादलों और हवा के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया।
शाजापुर का नाम वर्षा प्रभावित जिलों की सूची में प्रमुख रूप से सामने आया। पश्चिम और मध्य हिस्सों में भी मौसम ने सामान्य क्रम से अलग रुख लिया। लगातार बदलते सिस्टम के कारण कई जिलों में दिनभर बादल और बीच-बीच में बौछारें बनी रहीं।
आंधी का फसलों पर असर, गेहूं की फसल आड़ी पड़ी
तेज आंधी का असर रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में खेतों पर दिखा है। इन जिलों में गेहूं की कई फसलें आड़ी हो गई हैं। खेतों में खड़ी फसल झुकने से दानों की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ी है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार पिछले तीन दिनों में करीब 25 जिलों में आंधी की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। जिन क्षेत्रों में पहले से फसल पकने की अवस्था में थी, वहां नुकसान का जोखिम अधिक माना जा रहा है।
सरकार ने शुरू कराया सर्वे
मौसम से प्रभावित इलाकों को देखते हुए सरकार ने सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्व अमला मैदान में जाकर प्रभावित खेतों का जायजा ले रहा है। सर्वे का उद्देश्य यह पता करना है कि किन जिलों और किन फसलों पर कितना असर हुआ है।
स्थानीय प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नुकसान का तथ्यात्मक आकलन तैयार किया जा सके। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
अगले दो दिन का संभावित मौसम
22 फरवरी: बारिश का अलर्ट नहीं है, हालांकि कई हिस्सों में बादल बने रह सकते हैं।
23 फरवरी: दक्षिणी हिस्से में सक्रिय हो रहे सिस्टम के असर से बारिश की संभावना जताई गई है।
24 फरवरी: मौसम में फिर बदलाव के संकेत हैं और दक्षिण-पूर्वी जिलों में प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है।
फिलहाल प्रदेश में मौसम का रुझान स्थिर नहीं है। बादल, तेज हवा और रुक-रुक कर बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों और स्थानीय प्रशासन दोनों की निगरानी अगले कुछ दिनों तक अहम रहेगी।