KBC में नागदा को ‘छोटा गांव’ कहना पड़ा भारी: अमिताभ बच्चन और सोनी टीवी के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज

Ujjain News:  बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और मशहूर रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं।

सोनी चैनल पर 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एक एपिसोड के दौरान नागदा शहर को लेकर की गई एक टिप्पणी ने स्थानीय निवासियों की भावनाओं को आहत कर दिया है, जिसके बाद मामला अब न्यायालय की दहलीज तक जा पहुँचा है।

क्या है पूरा विवाद?

विवाद की जड़ शो के होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को लेकर दी गई जानकारी है। कार्यक्रम के दौरान नागदा को एक “पानी की समस्या से जूझ रहा छोटा सा गांव” बताया गया था। जैसे ही यह शो प्रसारित हुआ, नागदा के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। स्थानीय लोगों का तर्क है कि नागदा न तो गांव है और न ही यहाँ वैसी जल किल्लत है जैसी शो में दिखाई गई।

कोर्ट ने माँगी पुलिस रिपोर्ट

सूत्रो के मुताबिक इस मामले में नागदा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय में एक परिवाद दायर किया गया है। अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा द्वारा दायर इस आवेदन पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने:

  • प्रकरण को CIS (Case Information System) में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

  • संबंधित थाने से इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तलब की है।

  • मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के सीईओ गौरव बैनर्जी को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है।

नागदा की असल पहचान: गांव नहीं, औद्योगिक शहर

अधिवक्ताओं (राजेश मंडवारिया, दीपमाला अवाना और जैना श्रीमाल) ने न्यायालय में दलील दी कि नागदा की छवि को जानबूझकर धूमिल किया गया है। परिवाद में नागदा के वास्तविक तथ्यों को रेखांकित किया गया है:

  1. जनसांख्यिकी: नागदा की आबादी 1.5 लाख से अधिक है।

  2. रेलवे हब: यह मालवा क्षेत्र का एक प्रमुख और व्यस्त रेलवे जंक्शन है।

  3. औद्योगिक केंद्र: नागदा अपनी बड़ी इंडस्ट्रीज के कारण एक विकसित औद्योगिक नगर के रूप में प्रसिद्ध है।

  4. जिला बनने की राह पर: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।

लोगों  का कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय मंच से गलत जानकारी प्रसारित होने से शहर के सम्मान को ठेस पहुँची है। अब सभी की निगाहें 9 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।