82 किमी की रफ्तार को मिली मंज़ूरी, पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेरठ मेट्रो का किया शुभारंभ, सराय काले खां से मोदीपुरम तक सफर और किराया जानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो परियोजना को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित कर दिया। करीब 30,274 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखेगी। लगभग 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद दिल्ली से मेरठ की दूरी महज 55 मिनट में तय की जा सकेगी, जो पहले ट्रैफिक जाम के कारण कई घंटों में पूरी होती थी।

यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होकर मेरठ के मोदीपुरम डिपो तक जाता है। सरकार ने इसकी औपचारिक शुरुआत कर दी है, जबकि आम यात्रियों के लिए इसे 23 फरवरी से पूरी तरह खोलने की घोषणा की गई है। इस रैपिड रेल लाइन से मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक इस परियोजना का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा चालू था, लेकिन अब शेष खंड—मेरठ साउथ से मोदीपुरम (करीब 23 किमी) और न्यू अशोक नगर से सराय काले खां (लगभग 5 किमी)—भी शुरू कर दिए गए हैं।

करीब 82.15 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर में लगभग 70 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक है, जबकि 12 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत बनाया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित नमो भारत ट्रेनें उच्च गति, बेहतर सुरक्षा मानकों और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हैं। यह परियोजना क्षेत्रीय परिवहन को नई गति देगी और सड़क यातायात पर दबाव कम करेगी। साथ ही, इससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी की भी उम्मीद जताई जा रही है।

किराए की बात करें तो दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक की पूरी यात्रा के लिए लगभग 213 रुपये खर्च करने होंगे। पहले यह सेवा सीमित रूट पर संचालित थी, लेकिन अब इसे पूर्ण लंबाई तक विस्तारित कर दिया गया है। वहीं, करीब 23 किलोमीटर लंबे मेरठ मेट्रो रूट का किराया अलग से घोषित किया जाएगा। यह मेट्रो सेवा शहर के भीतर आवागमन को आसान बनाएगी और स्थानीय यात्रियों को तेज, सस्ती और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।

मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक के खंड में कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं—मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डोरली, मेरठ उत्तर, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो। इनमें से मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, बेगमपुल और मोदीपुरम ऐसे स्टेशन हैं जहां नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों की सुविधा उपलब्ध होगी। इन स्टेशनों पर आइलैंड प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां बीच में रैपिड रेल और किनारों पर मेट्रो ट्रेन संचालित होगी। मेरठ मेट्रो को देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में गिना जा रहा है, जिसकी अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी।

कुल मिलाकर, यह परियोजना न केवल दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा।