मंत्री की टिप्पणी पर भड़का भागीरथपुरा, “अशिक्षित कहने वालों को हकीकत नहीं पता” कहकर लोगों ने जताया कड़ा विरोध

इंदौर की विधानसभा में शुक्रवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा क्षेत्र की तुलना मुंबई की चर्चित झुग्गी बस्ती धारावी से कर दी। मंत्री ने अपने बयान में भागीरथपुरा को “मिनी धारावी” बताते हुए कहा कि यहां अशिक्षा के कारण नगर निगम को विकास कार्यों में कठिनाई आती है। इस टिप्पणी के सामने आते ही क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय नागरिकों ने इसे पूरे इलाके और वहां रहने वाले शिक्षित परिवारों का अपमान बताया। उनका कहना है कि भागीरथपुरा को झुग्गी या अव्यवस्थित बस्ती की तरह पेश करना वास्तविकता से कोसों दूर है।

भागीरथपुरा के रहवासियों ने सार्वजनिक रूप से मंत्री के बयान का विरोध करते हुए कहा कि यहां हर घर में पढ़े-लिखे लोग हैं। कई परिवारों में डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और प्रोफेशनल्स रहते हैं। बड़ी संख्या में लोग सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त होकर यहीं निवास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के युवाओं ने न केवल प्रदेश बल्कि देश और विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। उनका तर्क है कि किसी भी क्षेत्र का मूल्यांकन वहां की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के आधार पर किया जा सकता है, लेकिन उसे सीधे तौर पर देश की सबसे घनी झुग्गी बस्ती से जोड़ देना अनुचित है।

अधिवक्ता दीपक बौरासी ने स्पष्ट कहा कि भागीरथपुरा को धारावी से जोड़ना पूरी तरह गलत और अपमानजनक है। उन्होंने बताया कि यहां लगभग 60 अधिवक्ताओं की एक संगठित समिति कार्यरत है। 10 से अधिक डॉक्टर क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस, नगर निगम, सेल्स टैक्स, रेलवे सहित विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 100 से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। शिक्षक अरुण सिंह ने जानकारी दी कि इलाके में 27 इंजीनियर हैं और हाल ही में उनके मार्गदर्शन में पढ़े 7 छात्र भी इंजीनियर बने हैं। क्षेत्र के सुमित यादव ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत हैं, जबकि किशोर बघेल सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी हैं। एक युवक भारतीय नौसेना में सेवा दे रहा है। विजय नगर थाने की टीआई मीना बोरामी भागीरथपुरा की बहू हैं। नीलम कैथवास स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी हैं, सुरेश भदकारे क्राइम ब्रांच में पदस्थ हैं और नरेंद्र यादव कंपनी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं।

सेवानिवृत्त जिला आपूर्ति अधिकारी हरिदास खुरैया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सोशल साइंस में एमए किया है और लंबे समय तक प्रशासनिक सेवा में रहे हैं। उनका कहना था कि “जिसके पास अनपढ़ों की फौज हो, उसे सब वैसे ही नजर आते हैं।” उन्होंने दोहराया कि भागीरथपुरा में बड़ी संख्या में शिक्षित और जागरूक नागरिक रहते हैं। कांग्रेस नेता रमेश बिंजवा ने बताया कि उनके रिश्तेदार दिलीप बिंजवा रणजी क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड अध्यक्ष, जिनकी गंदे पानी के कारण मृत्यु हुई, स्वयं एक शिक्षक थे।

प्रवीण सूर्यवंशी, जिन्होंने टेक्सटाइल्स में बीटेक किया है, ने बताया कि वे एक एनजीओ के माध्यम से क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहे हैं। उनका कहना है कि भागीरथपुरा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक सेवाओं और न्यायालयीन कार्यों में सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का सामूहिक मत है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस योजना और संसाधन जरूरी हैं, न कि ऐसी तुलना जो समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाए।